जयपुर बुकमार्क: दूसरे दिन प्रकाशन, बुकस्टोर्स और उभरते पाठक समुदायों के भविष्य पर हुई चर्चा
जयपुर, 16 जनवरी (हि.स.)। दक्षिण एशिया के प्रमुख पब्लिशिंग कॉन्क्लेव के 13वें संस्करण ब्लूवन इंक द्वारा प्रस्तुत जयपुर बुकमार्क 2026 का दूसरा दिन संवादों के समृद्ध कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ा, जिसमें भारत और उससे बाहर प्रकाशन, पुस्तक-विक्रय और पाठक समुदायों के बदलते परिदृश्य पर विचार किया गया। होटल क्लार्क्स आमेर, जयपुर में 19वें जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल के समानांतर आयोजित हो रहा जयपुर बुकमार्क एक बार फिर वैश्विक प्रकाशन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद स्थल बनकर उभरा है।
दिन की शुरुआत फ्यूचर्स्केप: स्पॉटिंग ट्रेंड्स इन द पब्लिशिंग इंडस्ट्री सत्र से हुई, जिसमें एम्मा हाउस और समीर पाटिल ने मेरु गोखले के साथ संवाद किया। चर्चा में शोध और लेखन में एआई के बढ़ते उपयोग पर बात हुई, साथ ही मार्केटिंग में इसके सीमित इस्तेमाल की ओर भी ध्यान दिलाया गया। तकनीकी परिवर्तन के दौर में पब्लिशिंग की अर्थव्यवस्था पर विचार किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों और अमर चित्र कथा के अनुभवों के आधार पर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-बुक्स, ऑडियोबुक्स और पब्लिशिंग प्रक्रिया में इस्तेमाल हो रहे नए एआई टूल्स पर भी चर्चा हुई।
इसके बाद साहित्य के उपभोग के नए माध्यमों—पॉडकास्ट और ऑडियोबुक्स—पर केंद्रित चर्चा हुई। हिंदी लिटरेरी पॉडकास्ट्स: साहित्य के नए खोजदीप सत्र में अंजुम शर्मा, अनुराग माइनस वर्मा और आरती जैन ने जय प्रकाश पांडेय के साथ संवाद किया और हिंदी साहित्यिक पॉडकास्ट्स के बढ़ते दायरे तथा डिजिटल मीडिया के साथ उनके संबंधों पर विचार किया। कहानी कहने के लिए पॉडकास्ट को एक सहज और आत्मीय माध्यम बताते हुए, विशेष रूप से हिंदी भाषा में, पैनल ने इस माध्यम से स्थानीय भारतीय कारीगरों और युवा रचनाकारों की बढ़ती भागीदारी पर बात की, साथ ही उन सीमाओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की जो इसके व्यापक विस्तार में बाधा बनती हैं। वहीं लिसन इन: द इवॉल्विंग स्टोरी ऑफ द ऑडियोबुक सत्र में भारत में ऑडियोबुक इकोसिस्टम के तेज़ी से बढ़ते स्वरूप और बदलते रुझानों पर चर्चा हुई। विभिन्न भाषाओं, विधाओं और बाज़ारों में सुनने की आदतों के अंतर को समझा गया और मराठी ऑडियोबुक परिदृश्य तथा ऑडियो फॉर्मेट में कहानी कहने की केंद्रीय भूमिका पर प्रकाश डाला गया। बातचीत में ऑडियोबुक्स में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और इस सवाल पर भी विचार हुआ कि ऑडियो कंटेंट को स्वतंत्र रूप से कमीशन किया जाए या मौजूदा प्रिंट फ़ॉर्मेट से रूपांतरित किया जाए।
इमर्जिंग मार्केट्स फॉर इंडियन पब्लिशिंग सत्र में भाषा, अनुवाद और भारतीय पुस्तकों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक ले जाने की आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा हुई और वैश्विक बाज़ारों में मौजूद संरचनात्मक बाधाओं पर भी बात की गई। संवाद का रुख अनुवाद की ओर मुड़ा, जहां आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस की सीमाओं पर सवाल उठाए गए और अनुवाद को एक रचनात्मक क्रिया के रूप में दोहराते हुए उसकी सांस्कृतिक और साहित्यिक शक्ति को रेखांकित किया गया।
दिन के कार्यक्रम में वीना राव की पुस्तक जयपुर कॉलिंग: ए पीक इंटू द पिंक सिटी का फर्स्ट एडिशन लॉन्च भी शामिल रहा। उन्होंने जयपुर से अपनी पहली मुलाकातों और बच्चों के लिए शहर को एक चित्रात्मक और इंटरएक्टिव पुस्तक के रूप में प्रस्तुत करने की अपनी यात्रा के बारे में बात की। बच्चों के लिए कहानी कहने पर चर्चा करते हुए राव ने शहर की सांस्कृतिक विविधताओं को पकड़ने की चुनौतियों और संतोषों को साझा किया और चिल्ड्रन्स पब्लिशिंग में जिम्मेदारी के महत्व पर ज़ोर दिया। द सेंट ऑफ बुक्स: स्टोरीज़ अबाउट बुकस्टोर्स सत्र में विरासत में मिली बुकस्टोर्स चलाने वाले इंडस्ट्री विशेषज्ञों ने बुकस्टोर्स के स्थायी सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। पैनलिस्ट्स ने बताया कि बुकस्टोर्स आज भी जीवंत सांस्कृतिक स्थल हैं, जहां पाठक पहली बार किताबों से जुड़ते हैं, बार-बार लौटते हैं और बढ़ती डिजिटल दुनिया में पढ़ने के स्पर्श और संवेदनात्मक आनंद से जुड़े रहते हैं।
दिन का एक प्रमुख आकर्षण चिल्ड्रन्स पब्लिशिंग राउंडटेबल: नर्चरिंग न्यू रीडर्स रहा, जिसे अमेज़न ने प्रस्तुत किया। हिमांशु गिरी, नीरज जैन, प्रज्वल पराजुली, ऋचा झा, सान्या कंवर, सोहिनी मित्रा, टीना नारंग और उजान दत्ता ने स्मित ज़ावेरी के साथ संवाद में आज के युवा पाठकों की बदलती ज़रूरतों पर बच्चों के प्रकाशन की भूमिका पर चर्चा की। संवाद में एजेंसी, सहभागिता और बच्चों की किताबों के लिए आयु-समूह तय करने जैसे सवालों पर विचार हुआ, साथ ही बच्चों की पुस्तकों की कल्पनाशील और उत्साही प्रकृति को रेखांकित करते हुए नए पाठकों तक व्यापक पहुंच और मजबूत संबंधों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया।
बहुप्रतीक्षित तीसरे दिन लाइव लाइन्स: इंडिया-यूके पब्लिशिंग फेलोज़ कनेक्ट सत्र में हैरियट हिर्शमैन और रूबी हेम्ब्रोम हेमा सिंह रैंस के साथ संवाद करेंगी, ऑप्टिमिज़्म इन द टाइम्स ऑफ चेंज: मैपिंग द फ्यूचर फॉर बिग पब्लिशर्स में अनंत पद्मनाभन श्रेया पुंज के साथ बातचीत करेंगे, और नॉर्दर्न लाइट्स: चिल्ड्रन्स लिटरेचर फ्रॉम नॉर्वे सत्र में ओलिवर मोयस्टाड त्रूडा स्प्रयूइट के साथ संवाद करेंगे। जैसे-जैसे जयपुर बुकमार्क 2026 आगे बढ़ रहा है, यह कॉन्क्लेव भाषाओं, क्षेत्रों और बाज़ारों के पार संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है, जो भारत और व्यापक दक्षिण एशियाई क्षेत्र में प्रकाशन की वर्तमान वास्तविकताओं और भविष्य की संभावनाओं पर विचार के लिए विविध आवाज़ों को एक साथ ला रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

