छात्रावासों के उन्नयन और समयबद्ध छात्रवृत्ति भुगतान की मांग, अभाविप ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन
जयपुर, 12 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), राजस्थान ने प्रदेश के छात्रावासों की स्थिति में सुधार, छात्रवृत्ति के समयबद्ध भुगतान तथा छात्र कल्याण से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत को उनके जयपुर स्थित निवास पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। परिषद ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों एवं छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए इन व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार आवश्यक है।
अभाविप ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश के अनेक पात्र विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति लंबे समय से लंबित है। तकनीकी खामियों तथा महाविद्यालय स्तर पर होने वाली त्रुटियों के कारण कई विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लाभ से वंचित रह जाते हैं। परिषद ने आगामी शैक्षणिक सत्र से छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने, अनुसूचित जाति (एससी) पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में बैंक लिंकिंग सहित अन्य तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार स्तर पर लंबित छात्रवृत्ति राशि का जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। परिषद का कहना था कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।ज्ञापन में अभाविप द्वारा हाल ही में किए गए छात्रावास सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए प्रदेश के अनेक सरकारी छात्रावासों की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। परिषद ने कहा कि भवनों की बदहाल स्थिति, पेयजल संकट, सफाई व्यवस्था की कमी तथा बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अध्ययन प्रभावित हो रहे हैं। परिषद ने सभी जर्जर छात्रावासों के पुनर्निर्माण तथा नियमित रखरखाव के लिए विशेष बजट उपलब्ध कराने की मांग की। विशेष रूप से डूंगरपुर जिले के भासोर छात्रावास एवं बूचियावाड़ा बालिका छात्रावास सहित अत्यधिक जर्जर छात्रावासों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया।परिषद ने आधुनिक शिक्षा की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी छात्रावासों के चरणबद्ध डिजिटलीकरण का भी सुझाव दिया। इसके तहत स्मार्ट ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर, इंटरनेट तथा डिजिटल अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकें। साथ ही छात्रावासों में खेल मैदान एवं खेल सामग्री उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रभावना और नैतिक मूल्यों के विकास के उद्देश्य से छात्रावास वंदे मातरम् अभियान चलाने एवं महापुरुषों की जयंती पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करने के लिए वार्षिक गतिविधि कैलेंडर तैयार करने का भी सुझाव दिया गया।ज्ञापन सौंपने के दौरान अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री हर्षित ननोमा, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, जयपुर प्रांत मंत्री शुभेंद्र सिंह, जोधपुर प्रांत मंत्री दशरथ गर्ग तथा चित्तौड़ प्रांत मंत्री जितेंद्र लोधा उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

