चित्तौड़ दुर्ग पर प्रशासन की सख्ती का मामला, रतन सिंह तालाब के नाले का अतिक्रमण खुद ही हटाने में जुटे निर्माणकर्ता

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चित्तौड़ दुर्ग पर प्रशासन की सख्ती का मामला, रतन सिंह तालाब के नाले का अतिक्रमण खुद ही हटाने में जुटे निर्माणकर्ता


चित्तौड़गढ़, 24 जून (हि.स.)। विश्व विरासत में शुमार चित्तौड़ दुर्ग पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर पिछले दिनों जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस दौरान रतनसिंह महल के सामने 1600 वर्गगज भूमि पर निर्माणाधीन विशाल पक्के होटल-रेस्टोरेंट के निर्माण को धराशाई किया था। रतनसिंह तालाब पर जाने वाले पानी का रास्ता रोके जाने के मामले में अब अवैध निर्माणकर्ता खुद ही अपने स्तर पर नाले का रास्ता खोलने लगे है। प्रशासन की सख्ती कहे या समझाईश का असर की एक अतिक्रमी ने जेसीबी मंगवा कर स्वयं ही अतिक्रमण को हटा लिया। यहां नाले के रास्ते से अतिक्रमण हटाया जा रहा है।

सहायक संरक्षण पुरातत्व चित्तौड़गढ़ प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि दुर्ग पर काफी अतिक्रमण चिन्हित हैं। इनमें से दो निर्माणाधीन अतिक्रमण को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। वहीं प्रशासन के साथ ही पुरातत्व विभाग ने अतिक्रमियों से समझाईश की थी कि वे अपने अतिक्रमण स्वयं ही हटा ले। इस पर रतनसिंह महल के सामने एक अतिक्रमी ने अपने अतिक्रमण को स्वयं ही हटा लिया। इसके लिए जेसीबी मंगवा कर अपने अतिक्रमण को हटावाया। सहायक संरक्षण प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि शेष रहे अतिक्रमण को नियमानुसार विभागीय निर्देश पर हटाने की कार्यवाही होगी।

जानकारी के अनुसार दुर्ग पर पूर्व दिशा की ओर से ढलान से आने वाला पानी नाले के जरिए रतन सिंह महल मेें पहुंचता। लेकिन अवैध निर्माणकर्ताओं ने नाले को अवरूद्ध करते हुए उस पर भी अवैध निर्माण कर लिया था। यह मामला गत दिनों अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान संज्ञान में आया था। वहीं पुरातत्व विभाग भी नोटिस का दावा कर रहा है। वहीं इस मामले में प्रशासन के निर्देश पर नाले के रास्ते पर बने निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई है। निर्माणकर्ता ने स्वयं के स्तर पर जेसीबी लगा कर नाले के मार्ग में आने वाले निर्माण को तोड़ा जा रहा है।

चित्तौड़ दुर्ग पर निर्माणाधीन अतिक्रमण हटाने के बाद जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने प्रशासनिक अधिकारियो के साथ दुर्ग पर बने व्यवसायिक निर्माणों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने रतनसिंह तालाब की ओर जाने वाले नाले के अतिक्रमण का भी अवलोकन किया था और अधिकारियों को उसे हटाने के निर्देश दिए थे। जिला कलक्टर के निर्देशों पर पुरातत्व विभाग ने अवैध निर्माणकर्ता को तुरंत नाले के मार्ग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये थे और अब अतिक्रमी ने स्वयं के स्तर पर मशीनें लगा कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरु की है। गौरतलब है कि ऊपर से आने वाले नाले का रास्ता भी बंद कर दिया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

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