ग्रीष्मावकाश कटौती पर कर्मचारी महासंघ नाराज: संघ ने दी शिक्षा मंत्री के घेराव की चेतावनी
जयपुर, 22 मई (हि.स.)। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश में कटौती सहित विभिन्न मांगों को लेकर राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा मंत्री का रवैया नहीं बदला तो प्रदेशभर के हजारों शिक्षक और कर्मचारी शिक्षा मंत्री का घेराव एवं पड़ाव डालने को मजबूर होंगे।
महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने बताया कि प्रदेश मुख्यालय समिति के निर्णय के अनुसार मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सत्र 2026-27 में विद्यालयों के ग्रीष्मावकाश में 10 दिन की कटौती तथा संस्थाप्रधानों के अधिकृत अवकाश में एक दिन की कटौती सहित अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम पिछले दो माह से सांकेतिक धरना, प्रदर्शन और रैलियों के माध्यम से सरकार से वार्ता कर समाधान निकालने की मांग कर रहा है, लेकिन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के हठधर्मिता पूर्ण रवैये से शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। राणा ने आरोप लगाया कि यदि शिक्षा मंत्री का यही अलोकतांत्रिक रवैया जारी रहा तो महासंघ को प्रदेशभर के हजारों कर्मचारियों और शिक्षकों के साथ आंदोलन तेज करने तथा शिक्षा मंत्री के घेराव जैसी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
संघ महासभा प्रमुख महेंद्र सिंह, मुख्य महामंत्री नवीन शर्मा और महामंत्री विपिन प्रकाश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को पहले से ही अन्य कर्मचारियों की तुलना में कम अवकाश मिलते हैं, वहीं गैर-शैक्षणिक कार्यों का अतिरिक्त बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद शिक्षक संगठनों से संवाद स्थापित कर समाधान निकालने के बजाय उनकी उपेक्षा की जा रही है, जिससे सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की स्थिति बन रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

