गुर्जर महापंचायत स्थगित, 372 अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर आंदोलन जारी
भरतपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। जिले के पीलूपुरा में आठ अप्रैल को प्रस्तावित गुर्जर महापंचायत को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति की कमेटी बुधवार को कलेक्टर कमर चौधरी से वार्ता करेगी। इसके बाद ही महापंचायत की नई तारीख तय की जाएगी। हालांकि, शहीद स्मारक पीलूपुरा पर चल रहा धरना यथावत जारी रहेगा।
दरअसल, गुर्जर समाज के युवा रीट भर्ती परीक्षा के तहत 372 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस मांग को अब और टाला नहीं जाना चाहिए।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीराम बैंसला ने बताया कि वर्तमान में किसान खेती के कार्यों में व्यस्त हैं। साथ ही प्रदेश में चल रहे आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के दौर को देखते हुए सर्वसम्मति से महापंचायत को स्थगित करने का निर्णय किया गया है।
उन्होंने कहा कि समाज के अधिकतम लोगों की भागीदारी तय करने के लिए नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
बैंसला ने कहा कि 372 अभ्यर्थी लंबे समय से भटक रहे हैं और उनकी नियुक्ति में कोई तकनीकी बाधा नहीं है। सरकार चाहे तो कल ही नियुक्ति दे सकती है। उन्होंने साफ किया कि आंदोलन का मुख्य मुद्दा केवल अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाना है।
समिति के अनुसार, बुधवार को जिला कलेक्टर से वार्ता प्रस्तावित है। इससे पहले भी कई बार प्रशासन को मांगों से अवगत कराया जा चुका है।
बैंसला ने कहा कि उनकी कोई जिद नहीं है, बल्कि वे समाधान चाहते हैं। समिति ने बताया कि देवनारायण योजना, गुरुकुल अनुदान राशि में वृद्धि, आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने और 9वीं अनुसूची में शामिल करने जैसी कई मांगें अब भी लंबित हैं।
महापंचायत स्थगित होने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने निर्णय किया है कि समाज के बीच जाकर विभिन्न स्थानों पर छोटी-छोटी पंचायतें की जाएंगी और लोगों को मुद्दों से जोड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 की रीट भर्ती में एमबीसी वर्ग के 372 अभ्यर्थियों को चार प्रतिशत आरक्षण के तहत नियुक्ति देने का सरकार द्वारा आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हो पाया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

