कोहरे और शीतलहर के कारण राजस्थान के 11 जिलों में स्कूलों में छुट्टियां, कई जगह बदला समय
जयपुर, 05 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान में कड़ाके की ठंड, घने कोहरे और शीतलहर के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के 11 जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित की गई हैं। कई जिलों में कक्षाओं का समय भी परिवर्तित किया गया है। जिला कलेक्टरों द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया है।
जयपुर में सर्दी के प्रकोप को देखते हुए जिला कलेक्टर ने कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए 10 जनवरी तक और कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए आठ जनवरी तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
हनुमानगढ़ जिले में भीषण ठंड को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में 10 जनवरी तक छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। सीकर में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों की 10 जनवरी तक छुट्टी रहेगी। श्रीगंगानगर में नर्सरी से 5वीं तक 12 जनवरी तक स्कूल बंद रहेंगे, जबकि कक्षा 6 से 12 तक का समय सुबह 10:30 से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है।
अजमेर जिले में कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र 7 जनवरी तक बंद रहेंगे। वहीं कक्षा 6 से 12 तक स्कूलों का समय 10:30 से 4:30 बजे तक किया गया है। दौसा में कक्षा 1 से 8 तक 6 और 7 जनवरी को अवकाश रहेगा। बूंदी और बारां में भी कक्षा 8 तक 6 और 7 जनवरी को स्कूल बंद रहेंगे। प्रतापगढ़ में कक्षा 1 से 8 तक 6 से 8 जनवरी तक छुट्टी घोषित की गई है।
झालावाड़ जिले में शीतलहर और बारिश की आशंका को देखते हुए कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूल 6 से 10 जनवरी तक बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को स्कूल आने के निर्देश दिए गए हैं।
डूंगरपुर जिले में कक्षा 1 से 5 तक के स्कूल, आंगनबाड़ी व मां-बाड़ी केंद्र 6 से 8 जनवरी तक बंद रहेंगे। वहीं कक्षा 6 से 12 तक का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तय किया गया है। कोटा में आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल के बच्चों की 6 से 14 जनवरी तक छुट्टी घोषित की गई है। साथ ही 6 से 8 जनवरी तक स्कूलों का समय सुबह 10 से दोपहर 4 बजे रहेगा। दो पारियों में चलने वाले स्कूलों में पहली पारी 10 से 1 बजे और दूसरी पारी 1:05 से 4 बजे तक संचालित होगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी निर्णय लिए जा सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

