केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग का बताया महत्व

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केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान ने किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग का बताया महत्व


जोधपुर, 04 जून (हि.स.)। केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर की मेरा गांव-मेरा गौरव अभियान की वैज्ञानिकों की टीम ने केरू ब्लॉक के गांव बेरू में किसान गोष्ठी का आयोजन किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही जैविक आदानों जैसे बीजामृत एवं जीवामृत की तैयारी, उपयोग विधि तथा इनके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि संतुलित उर्वरक प्रबंधन एवं जैविक आदानों के उपयोग से खेती की लागत में कमी लाई जा सकती है तथा फसल उत्पादकता और मृदा स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने किसानों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से जैविक आदान तैयार करने तथा फसलों में पोषक तत्वों के वैज्ञानिक एवं संतुलित उपयोग की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी खेती से संबंधित समस्याएं भी रखीं, जिनका समाधान वैज्ञानिकों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बताया गया। कार्यक्रम के अंत में किसानों से टिकाऊ एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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