कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम: कृषि आदान वितरण सहित उन्नत किस्मों की दी जानकारी

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कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम: कृषि आदान वितरण सहित उन्नत किस्मों की दी जानकारी


जोधपुर, 23 जून (हि.स.)। डॉ. बीआर चौधरी कृषि अनुसंधान केंद्र, मंडोर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (एआईसीआरपी) तिल एवं रामतिल के अंतर्गत ग्राम बोयल एवं गढ़सूरिया में तिल फसल पर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन एवं एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को तिल की उन्नत किस्म आर टी 372 के बीज के साथ-साथ जिंक सल्फेट, फेरस सल्फेट, खरपतवारनाशी, कार्बेन्डाजिम एवं कीटनाशी आदि कृषि-आदानों का वितरण किया गया। अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन का उद्देश्य किसानों के खेतों पर तिल की उन्नत उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन कर उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना है। इस अवसर पर सभी चयनित किसानों के खेतों से मृदा नमूने भी एकत्रित किए गए, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकता आधारित उपयोग की सलाह दी जाएगी, जिससे उत्पादन लागत कम करने एवं तिल की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के साथ ही एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण तिल की उन्नत किस्में और तकनीकें: बीज से कटाई तक का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को तिल की नवीनतम उन्नत किस्मों एवं वैज्ञानिक उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्रदान कर उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करना था।

कार्यक्रम में सहायक प्रोफेसर (शस्य विज्ञान) डॉ. राकेश चौधरी ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा कटाई-पश्चात प्रबंधन संबंधी वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं अनिश्चित वर्षा की परिस्थितियों में तिल उत्पादन बढ़ाने हेतु अपनाई जाने वाली नवीन तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की। वहीं सहायक प्रोफेसर (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) डॉ. दान सिंह जाखड़ ने किसानों को तिल की उन्नत एवं उच्च उत्पादक किस्मों के बारे में जानकारी प्रदान की।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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