किसानों को बीज उत्पादन से जोड़ने के लिए केवीके वैज्ञानिक दें मागदर्शन - डॉ दुबे
बीकानेर, 09 अप्रैल (हि.स.)। बीज उत्पादन, परम्परागत और स्थानीय खेती से किसानों को जोड़ने के लिए कृषि विज्ञान केन्द्रों को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के वीसी सभागार में गुरुवार को केवीके वैज्ञानिकों के साथ चर्चा आयोजित कर इस दिशा में विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कुलगुरु डॉ राजेंद्र बाबू दुबे ने कहा कि बीज उत्पादन में केवीके बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। केवीके के माध्यम से आधुनिकतम कृषि तकनीक खेतों तक पहुंच सकी है। लेकिन खेती को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को वर्तमान मांग व आवश्यकता के अनुरूप नवाचार भी अपनाने होंगे। बीज उत्पादन में किसानों की सहभागिता के संदर्भ में चर्चा करते हुए कुल गुरु ने कहा कि बीज उत्पादन में किसानों का वैज्ञानिक मागदर्शन आवश्यक है। गुणवत्ता के साथ कोई समझौता ना हो, इसके लिए समुचित मॉनिटरिंग की जरूरत है। इस कार्य में किसानों की सहभागिता के लिए केवीके रोडमैप बनाकर प्रयास करें। उन्होंने झूझनूं स्थित ,आबूसर केवीके के कार्य की विशेष सराहना की।
विषय विशेषज्ञ वैद्य कृष्ण मुरारी ने कहा कि बीज के क्षेत्र में वर्तमान में किसान परावलंबी हुआ है, इससे खेती की लागत बढ़ी है। केवीके वैज्ञानिकों के मागदर्शन में किसान बीज उत्पादन का नवाचार अपनाकर कृषि व्यवसाय को नयी दिशा दे सकते हैं। इससे किसानों को सस्ता बीज उपलब्ध होगा, उनकी आय बढ़ेगी तथा विश्वविद्यालय को भी नयी पहचान मिलेगी। विश्वविद्यालय इस दिशा में विशेष प्रयास करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के पास जमीन और सिंचाई संसाधनों की सीमा है। सरकार की खाली पड़ी जमीन तथा फार्मर्स फील्ड सहभागिता के जरिए बीज उत्पादन के लिए प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भिजवाए जा सकते हैं।
कृष्ण मुरारी ने कहा कि किसान को लाभकारी खेती के लिए पशुपालन और पौधारोपण भी अपनाना होगा। केवीके वैज्ञानिक स्थानीय प्रजाति की पौध तैयार करने में किसानों की मदद करें। उर्वरक व खरपतवार का अंधाधुंध प्रयोग स्वास्थ्य और मृदा के लिए नुकसानदायक है। ऐसे में कृषि के परम्परागत तरीकों के बारे में किसानों को सही प्रशिक्षण दिया जाना भी सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में झूझनूं केवीके प्रभारी डॉ दयानंद, बीकानेर केवीके प्रभारी डॉ दुर्गाशंकर,
पदमपुर केवीके प्रभारी डा सीमा चावला, पोकरण केवीके प्रभारी डॉ दशरथ, जैसलमेर केवीके प्रभारी डॉ दीपक चतुर्वेदी, चांदकोठी केवीके प्रभारी डॉ बलवीर सिंह, बीकानेर द्वितीय केवीके प्रभारी डॉ राजेश शिवराण सहित डॉ मदन लाल रैगर, डॉ रामनिवास ने बीज उत्पादन की वर्तमान स्थिति तथा अन्य सुझाव दिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

