एक वर्ष में एमडीएसयू ने शिक्षा, शोध और डिजिटल सुशासन में स्थापित किए नए मानक

WhatsApp Channel Join Now
एक वर्ष में एमडीएसयू ने शिक्षा, शोध और डिजिटल सुशासन में स्थापित किए नए मानक


अजमेर, 21 जुलाई (हि.स.)। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर ने कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सुरेश कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में एक वर्ष के दौरान शिक्षा, शोध, प्रशासन और आधारभूत विकास के क्षेत्र में व्यापक सुधार करते हुए आधुनिक, पारदर्शी एवं छात्र-केंद्रित विश्वविद्यालय के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण तथा वित्तीय अनुशासन जैसी पहलों ने विश्वविद्यालय को नई दिशा प्रदान की है।

कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सुरेश कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय के साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित, सक्षम एवं नवाचारी नागरिक तैयार करना है। इसी दृष्टि से स्नातक स्तर पर सेमेस्टर प्रणाली, क्रेडिट आधारित शिक्षा, रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम तथा बहुविषयक अध्ययन को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने शोध प्रबंधन को पूर्णतः डिजिटल बनाते हुए पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की है। शोध परियोजनाओं के लिए शिक्षकों को अनुदान, भारतीय ज्ञान परंपरा को शोध का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों और अकादमिक सहयोग का विस्तार भी किया गया है।प्रो. अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों के तहत प्रवेश, परीक्षा, मूल्यांकन, माइग्रेशन और अंकतालिका सहित विभिन्न सेवाओं का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके साथ ही शिक्षक प्रशिक्षण, कर्मचारी कल्याण, छात्र रोजगार योजनाओं, उद्योग-शिक्षा समन्वय, प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण तथा हरित परिसर विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में बायोफ्यूल, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, वृक्षारोपण तथा जीरो कार्बन कैंपस जैसी पर्यावरणीय पहलों पर भी कार्य प्रारम्भ किया गया है। इसके अतिरिक्त परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, गुणवत्ता आश्वासन, भारतीय संस्कृति आधारित शैक्षणिक वातावरण, वित्तीय अनुशासन, आधारभूत संरचना के उन्नयन तथा अतिक्रमण मुक्त परिसर के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।-------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

Share this story