एएनसी ने लिया अफीम तौल की तैयारियों का जायजा, बोले किसानों की मांग पर होगी निष्पक्ष जांच

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एएनसी ने लिया अफीम तौल की तैयारियों का जायजा, बोले किसानों की मांग पर होगी निष्पक्ष जांच


चित्तौड़गढ़, 27 मार्च (हि.स.)। चित्तौड़गढ़ में गत दिनों नारकोटिक्स विभाग द्वारा किसानों से जबरन वसूली करने और फर्जी केस बनाने के मामले में आंदोलन हुआ था। इस मामले में आज सहायक नारकोटिक्स आयुक्त जबर सिंह राजपुरोहित ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों की मांगों के अनुरूप दोनों ही मामलों में जांच अधिकारी नियुक्त किये है और किसानों की मांगों पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी स्तर पर दोषी पाये जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। वे आज चित्तौड़गढ़ के नारकोटिक्स विभाग में अफीम तौल के पहले अधिकारियों से चर्चा करने के लिए आए थे। इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि डेलवास के गांव में नारकोटिक्स के अधिकारी पर एक करोड़ 4 लाख रुपये लेने के आरोप लगाए गए है। इस मामले में विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अधिकारी का मुख्यालय कोटा कर दिया है। वहीं जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जरूरत होने पर कमेटी का गठन किया जाएगा। इसी तरह देवरिया में 32 किलो अफीम के साथ एक महिला और मुखिया को गिरफ्तार किए जाने के मामले के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को अफीम की दूध की तस्करी किए जाने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा कि रजिस्टर आदि में कांट-छांट और दूसरी बातें सामने आई है लेकिन किसानों की मांगों के आधार पर न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार ही कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द ही रिपोर्ट प्राप्त होगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार पट्टाधारी किसान के अलावा दूसरे व्यक्ति को खेती करने का अधिकार नहीं है। यदि इस तरह का मामला पाया जाता है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाती रही है।

करीब एकमाह तक चलेगा अफीम तौल

नारकोटिक्स विभाग के सहायक नारकोटिक्स आयुक्त जबर सिंह राजपुरोहित ने कहा कि 28 मार्च से प्रदेश में अफीम तौल का कार्य प्रारंभ हो जायेगा। प्रतापगढ़ जिले से 28 मार्च और चित्तौड़गढ़ से 29 मार्च को यह तौल के प्रक्रिया शुरु होगी जो करीब 23 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत पद्धति के करीब 34 हजार 776 किसान है वहीं सीपीएस पद्धति के 14 हजार 364 किसान है। पहले चरण में गम पद्धति के किसानों की अफीम का तौल होगा और करीब 15 मार्च से सीपीएस पद्धति के किसानों के बिना चीरा लगाये डोडाें के तौल की प्रक्रिया शुरु की जायेगी। तौल प्रक्रिया खत्म होने के बाद अफीम के गाढ़ता अौर अन्य परीक्षणों के बाद उन्हें ग्वालियर स्थित अफीम फैक्ट्री में भेजा जायेगा। वहीं विभागीय निर्देशों के अनुसार डोडों को भंडारण के लिए भेजा जायेगा। उन्होंने बताया कि अफीम तौल के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। किसानों की सुविधा के लिए शामियाने लगाये गये है। वहीं पेयजल, शौचालय आदि की भी सुचारू व्यवस्थाएं की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

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