उत्तर पश्चिम रेलवे ने तकनीकी सुधारों से संरक्षा को और अधिक किया मजबूत
जयपुर, 29 मई (हि.स.)।
उत्तर पश्चिम रेलवे पर संरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार संरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर आधुनिक तकनीकों के उपयोग से ट्रैक, सिग्नल एवं समपार फाटकों पर व्यापक स्तर पर संरक्षा कार्य किए जा रहे है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा अप्रैल माह में लगभग 19 ट्रैक किलोमीटर का सीटीआर कार्य, 30 टर्न-आउटों का नवीकरण तथा 18 थिक वेब स्विच लगाए गए। साथ ही 18 टर्न-आउटों की डीप स्क्रीनिंग कर रेल पटरियों की मजबूती और संचालन की विश्वसनीयता को और सुदृढ़ किया गया।
रेलवे द्वारा समपार फाटकों पर संरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए समपार फाटको को इंटरलॉक किया तथा फाटको पर स्लाइडिंग बूम स्थापित किये गये। इसके साथ ही “संरक्षा सुदृढ़ करने का कर्तव्य” विषय पर विशेष संरक्षा अभियान चलाकर संरक्षा को मजबूत किया गया।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने केवल रेल परिसरों तक ही नहीं, बल्कि आमजन तक भी सुरक्षा संदेश पहुंचाने का कार्य किया। ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, पेट्रोल पंपों, ढाबों तथा बस एवं टैक्सी स्टैंडों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए गए। समपार फाटको पर पेम्फलेट वितरित कर सड़क उपयोगकर्ताओं को समपार सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
संरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों द्वारा उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर, बीकानेर, जयपुर एवं जोधपुर मंडलों में संरक्षा निरीक्षण भी किए गए।
सुरक्षा को व्यवहारिक बनाने की दिशा में कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अप्रैल माह में 541 कर्मचारियों ने पुनश्चर्या प्रशिक्षण तथा 356 कर्मचारियों ने अन्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी दक्षता को और मजबूत किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे आधुनिक तकनीक, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता के माध्यम से सुरक्षित, संरक्षित एवं विश्वसनीय रेलसेवा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

