आयुर्वेद विवि में अत्याधुनिक मशीन से तैयार होगा स्वर्ण प्राशन ड्राप

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आयुर्वेद विवि में अत्याधुनिक मशीन से तैयार होगा स्वर्ण प्राशन ड्राप


आयुर्वेद विवि में अत्याधुनिक मशीन से तैयार होगा स्वर्ण प्राशन ड्राप


जोधपुर, 16 सितम्बर (हि.स.)। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के संघटक पीजीआईए के स्नातकोत्तर कौमारभृत्य विभाग में स्वर्णप्राशन ड्राप तैयार करने की प्रक्रिया को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विभाग में स्वर्ण प्राशन निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीन का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल के करकमलो द्वारा किया गया।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर शुक्ल ने बताया कि अत्याधुनिक मशीन के माध्यम से स्वर्ण प्राशन निर्माण में 15 से 18 घंटे तक लगातार मर्दन प्रक्रिया की जाएगी, इससे स्वर्ण प्राशन की निर्माण प्रक्रिया में एकरूपता एवं गुणवत्ता में और अधिक वृद्धि होगी।अब तक विभाग में स्वर्णप्राशन तैयार करने के लिए मैनुअल विधि का उपयोग किया जाता था, जिसमें अधिक समय के साथ-साथ अधिक कार्मिकों की आवश्यकता होती थी।

अत्याधुनिक मशीन के उपयोग से इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं सुगम बनाया जा सकेगा। स्नातकोत्तर कौमारभृत्य विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर हरीश कुमार सिंघल ने बताया कि विभाग द्वारा लंबे समय से प्रत्येक माह पुष्य नक्षत्र के अवसर पर तथा जोधपुर में आयोजित विभिन्न मेलों एवं स्वास्थ्य शिविरों में बच्चों को स्वर्ण प्राशन करवाया जाता रहा है। अब तक लगभग 1.5 लाख बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जा चुका है।

कार्यक्रम में डीन फैकल्टी आयुर्वेद प्रो. गोविंद प्रसाद गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजाराम अग्रवाल, डीन रिसर्च प्रो. देवेंद्र चाहर, मीडिया प्रभारी प्रो. दिनेश चन्द्र शर्मा, ड्रग टेस्टिंग लैबोरेट्री इंचार्ज डॉ. मनीषा गोयल सहित विभाग के डॉ. अशोक यादव, डॉ. शहादत खान एवं स्नातकोत्तर अध्येता उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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