अक्षरधाम स्वामीनारायण मंदिर में सजाई गई अलौकिक झांकी
जयपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। छोटी काशी के नाम से विख्यात जयपुर के वैशाली नगर स्थित प्रख्यात श्री अक्षरधाम स्वामीनारायण मंदिर में हाल ही में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता का एक सुंदर व अनूठा संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में साधु-संतों की पावन सान्निध्य और उपस्थिति में गौ सेवा का एक विशेष आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर में भगवान की बेहद आकर्षक, भव्य एवं मनमोहक विशेष झांकी सजाई गई, जिसने वहाँ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान के इस अलौकिक स्वरूप और दिव्य दर्शन पाकर भक्त भावविभोर नजर आए। रंग-बिरंगे फूलों, कलात्मक सजावट और मनमोहक वस्त्रों से सुसज्जित इस झांकी ने पूरे मंदिर परिसर के वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। आध्यात्मिक माहौल के बीच श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन किए और भगवान स्वामीनारायण के पूजन के उपरांत भगवान के बाल स्वरूप प्रतिमा 'नीलकंठवर्णी' का दुग्धाभिषेक कर देश और समाज में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साधु-संतों ने अपने प्रेरणादायी वचनों में गौ सेवा के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। संतों ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को माँ का दर्जा दिया गया है। गौ सेवा केवल एक धार्मिक परंपरा मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में करुणा, दया, समर्पण और समस्त जीव मात्र के प्रति प्रेम का सच्चा प्रतीक है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा आगे आना चाहिए।
इसके साथ ही, संतों ने अपने अमृत वचनों और प्रवचनों के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति, संस्कार, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। अक्षरधाम मंदिर में आयोजित इस पवित्र धार्मिक एवं सेवा गतिविधि ने एक बार फिर समाज को भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण और उच्च आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने का सशक्त संदेश दिया है। मंदिर परिसर में छाई भक्ति और सेवा की बयार ने श्रद्धालुओं के मन में एक विशेष आध्यात्मिक और आनंदित अनुभूति का संचार किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

