विश्व युवा कौशल दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

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विश्व युवा कौशल दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं का हुआ सम्मान


जयपुर, 15 जुलाई (हि.स.) । संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार, गरिमापूर्ण कार्य एवं उद्यमिता के लिए आवश्यक कौशल के महत्व के प्रति जागरूक करना तथा कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

बुधवार को विश्व युवा कौशल दिवस का 12वाँ आयोजन किया गया। इसी क्रम में विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग द्वारा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर , जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री के.के. बिश्नोई ने की।

कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए युवाओं, प्रशिक्षार्थियों, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर रामगोपाल सुथार, अध्यक्ष, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड, संदीप वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग एवं अध्यक्ष, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, ऋषभ मण्डल, आयुक्त, कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग एवं प्रबंध निदेशक, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, राघवेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक, रोजगार सेवा निदेशालय, मुनीश कुमार शर्मा, निदेशक प्रशिक्षण तथा कुलराज मीना, महाप्रबंधक, राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम भी उपस्थित रहे। ्र

के.के. बिश्नोई ने विभागीय प्रकाशन रोज़गार संदेश का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि विश्व युवा कौशल दिवस केवल एक उत्सव नहीं बल्कि प्रदेश और देश के भविष्य को संवारने का संकल्प है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं के कौशल और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। आज की तेजी से बदलती दुनिया में केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उपयुक्त कौशल सफलता की कुंजी बन चुका है। कौशल विकास न केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन है बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार तथा सामाजिक परिवर्तन का आधार भी है।

उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 28 से 30 प्रतिशत आबादी युवा है और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को नए कौशल प्रदान करना तथा उन्हें निरंतर विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह केवल व्यक्तिगत प्रयासों से संभव नहीं है बल्कि सरकार, उद्योग जगत और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही युवाओं को 21वीं सदी के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं क्षमताओं से सशक्त बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कुशल युवा–समृद्ध राजस्थान के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के माध्यम से विभिन्न कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाया जा रहा है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बालिकाओं एवं महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा गत वर्ष आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक रही।

रामगोपाल सुथार ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से तकनीकी दक्षता, नवाचार और सतत सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

संदीप वर्मा ने कौशल विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करने तथा रोजगारोन्मुखी कौशल उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इसके पश्चात विभागीय उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष वीडियो का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से संबद्ध औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 9 उत्कृष्ट प्रशिक्षार्थियों को शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के 6 स्किल आइकॉन्स एवं 1 स्किल एम्बेसडर को कौशल विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के 6 ब्रांड एम्बेसडर्स को भी सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों से प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात स्वरोजगार अथवा नियोजित रोजगार के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले प्रशिक्षार्थियों का चयन विभागीय समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है। चयनित प्रतिभाओं को प्रत्येक वर्ष आईटीआई ब्रांड एम्बेसडर के रूप में सम्मानित किया जाता है ताकि वे अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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