विश्व पर्यटन दिवस: ‘पधारो म्हारे देश’ से गूंजा जयपुर

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विश्व पर्यटन दिवस: ‘पधारो म्हारे देश’ से गूंजा जयपुर


विश्व पर्यटन दिवस: ‘पधारो म्हारे देश’ से गूंजा जयपुर


विश्व पर्यटन दिवस: ‘पधारो म्हारे देश’ से गूंजा जयपुर


जयपुर, 27 सितंबर (हि.स.)। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को गुलाबी नगरी के ऐतिहासिक स्मारक और संग्रहालय देशी-विदेशी सैलानियों से गुलजार रहे। पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग की ओर से प्रदेशभर के स्मारकों और संग्रहालयों में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रखा गया। जयपुर में आमेर महल, हवा महल, नाहरगढ़ फोर्ट, अल्बर्ट हॉल और जंतर-मंतर समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का तिलक, माला और पुष्प भेंट कर राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया।

पर्यटकों के स्वागत के साथ ही विभिन्न स्मारकों पर लोक कलाकारों ने कच्ची घोड़ी, कालबेलिया और कठपुतली नृत्य, शहनाई वादन, नगाड़ा वादन, रावण हत्था और बहरूपिया जैसी प्रस्तुतियां दीं। ‘पधारो म्हारे देश’ के सुरों के बीच देशी-विदेशी पर्यटक भी लोक कलाकारों के साथ झूमते नजर आए। सैलानियों ने इन यादगार पलों को मोबाइल और कैमरों में कैद किया।

हवा महल पर उमड़ी भीड़

हवा महल के मुख्य द्वार पर सुबह से ही उत्सव जैसा माहौल रहा। पर्यटकों का रोली-अक्षत से तिलक कर सूत की माला पहनाकर स्वागत किया गया। निशुल्क प्रवेश के चलते स्मारक के बाहर सुबह से ही पर्यटकों की कतारें नजर आईं। महाराजा सवाई प्रताप सिंह की ओर से 1799 में निर्मित हवा महल के 365 झरोखों और जालियों की स्थापत्य कला ने सैलानियों को खासा आकर्षित किया। कई पर्यटक राजस्थानी पोशाक में झरोखों के सामने फोटो और रील बनाते नजर आए।

आमेर में शहनाई और कच्ची घोड़ी ने मोहा मन

आमेर महल में भी देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक स्वागत किया गया। महल अधीक्षक राकेश छोलक के अनुसार पर्यटकों के लिए प्रवेश निशुल्क रखा गया। यहां शहनाई, नगाड़ा वादन और कच्ची घोड़ी नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। पर्यटकों ने महल की स्थापत्य कला और राजस्थानी संस्कृति की जमकर सराहना की।

जंतर-मंतर पर बच्चों को टॉफी, पर्यटकों का स्वागत

जंतर-मंतर पर भी पर्यटकों को तिलक और माला पहनाकर स्वागत किया गया। बच्चों को टॉफियां वितरित की गईं। कच्ची घोड़ी, कठपुतली, शहनाई वादन और बहरूपिया सहित विभिन्न लोक प्रस्तुतियों के जरिए पर्यटकों को राजस्थान की लोक संस्कृति से रूबरू कराया गया।

पर्यटन कारोबार को भी मिला सहारा

विश्व पर्यटन दिवस पर स्मारकों में बढ़ी पर्यटकों की संख्या से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह नजर आया। हस्तशिल्प विक्रेताओं, टूरिस्ट गाइड, ऑटो-टैक्सी चालकों और खान-पान से जुड़े कारोबारियों को भी इसका लाभ मिला। विदेशी पर्यटकों ने हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय उत्पादों की खरीदारी की।

पुरातत्व विभाग के निदेशक पंकज धरेंद्र ने बताया कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेशभर के सभी स्मारकों और संग्रहालयों में प्रवेश निशुल्क रखा गया तथा पर्यटकों के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। वरिष्ठ टूरिस्ट गाइड महेश कुमार शर्मा ने कहा कि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सैलानियों को राजस्थान की विरासत, इतिहास और लोक संस्कृति से रूबरू कराया गया। पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रमुख स्थलों पर विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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