विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर दिया जोर

WhatsApp Channel Join Now
विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर दिया जोर


अजमेर, 28 सितंबर (हि.स.)। हृदय रोग से बचाव के लिए बीमारी के लक्षणों का इंतजार करने के बजाय जीवनशैली में सुधार करना जरूरी है। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण हृदय को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, अजमेर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गुप्ता और डॉ. विवेक माथुर ने विश्व हृदय दिवस के अवसर पर कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता, खानपान में लापरवाही, धूम्रपान और तनाव हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। डॉ. गुप्ता ने कहा कि दिल को बीमारी का इंतजार नहीं करने देना चाहिए, बल्कि स्वस्थ रहने की आदत पहले से विकसित करनी चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना पैदल चलना या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना, वजन नियंत्रित रखना तथा भोजन में नमक, अतिरिक्त चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा सीमित रखना उपयोगी है। धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाने के साथ पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित करना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।डॉक्टरों ने कहा कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या वाले लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर व्यक्ति को अपनी जोखिम स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह लेते रहना चाहिए। विश्व हृदय महासंघ की ओर से वर्ष 2026 के अभियान में भी नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।विश्व हृदय दिवस के अवसर पर मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में हृदयाघात की स्थिति में मरीज को तत्काल सहायता देने से संबंधित प्रशिक्षण, पोस्टर प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अस्पताल में हृदय रोगों से संबंधित जांच और उपचार के लिए कार्डियोलॉजी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

Share this story