विश्व पृथ्वी दिवस : प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता जरूरी
उदयपुर, 22 अप्रैल (हि.स.)। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर खनन गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को समझने तथा समाज में प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) उदयपुर चैप्टर की ओर से राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड (आरएसएमएमएल) की जामरकोटड़ा खदानों का शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण आयोजित किया गया।
भ्रमण में इंटैक उदयपुर चैप्टर के दस आजीवन सदस्यों सहित विभिन्न प्रतिभागियों ने भाग लिया। खदान क्षेत्र में प्रतिभागियों को आधुनिक खनन प्रक्रियाओं, पर्यावरणीय प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े उपायों की जानकारी दी गई। आरएसएमएमएल के अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि खनन के बाद भूमि पुनर्स्थापन (रिक्लेमेशन), हरित आवरण बढ़ाने और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए किस प्रकार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों ने खदान क्षेत्र का प्रत्यक्ष अवलोकन कर खनन के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी के विभिन्न पहलुओं को समझा।
कार्यक्रम के दौरान इंटैक सदस्यों और प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए खदान परिसर में दो पौधे भी रोपे। इस अवसर पर प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और सतत विकास की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
इस शैक्षिक भ्रमण में वर्व – द स्कूल आफ डिजाइन एंड वास्तु के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने खनन क्षेत्र में अपनाई जा रही तकनीकों और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रयासों को नजदीक से देखा, जिससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि आधुनिक खनन में पर्यावरणीय मानकों का पालन और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
भ्रमण में मुनिश गोयल, महीप भटनागर, प्रियंका वैष्णव, सूरज सोनी, महेश शर्मा, रोहित, विजय और ओवैश सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन इंटैक के आजीवन सदस्य प्रदीप कोठारी तथा इंटैक उदयपुर चैप्टर के संयोजक गौरव एस. सिंघवी के नेतृत्व में हुआ।
इंटैक उदयपुर चैप्टर ने इस शैक्षिक और जागरूकता पहल में सहयोग के लिए आरएसएमएमएल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया। आयोजकों के अनुसार यह भ्रमण प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसने उन्हें पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार संसाधन उपयोग के प्रति अधिक संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

