'शब्द शक्ति-संगम' में गूंजा नारी शक्ति का वैचारिक जयघोष

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'शब्द शक्ति-संगम' में गूंजा नारी शक्ति का वैचारिक जयघोष


जयपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्र सर्वोपरि भावना के वैचारिक विमर्श के लिए प्रतिबद्ध 'शब्द रसायन' संस्थान की ओर से बुधवार को जयपुर के रामबाग स्थित एस. एस. जैन सुबोध स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 'शब्द शक्ति संगम' का आयोजन हुआ।

शब्द रसायन संस्थान के निदेशक डॉ रेवंत दान और मानद सचिव मुरारी गुप्ता ने बताया कि इसमें भारत की तीन अलग-अलग क्षेत्र की विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त नारी शक्ति व्यक्तित्व ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच संवाद किया ।

दीप प्रज्वलन और अतिथि सत्कार के बाद कॉलेज प्राचार्य डॉ रेणु जोशी ने स्वागत भाषण दिया।

संस्थान के निदेशक डॉ रेवंत दान ने विषय की प्रस्तावना में देश की वर्तमान परिस्थितियों में युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा के वैचारिक संस्कार की आवश्यकता पर बात कही। संस्थान के मानद सचिव मुरारी गुप्ता ने इस आयोजन के दौरान रखी गई पोस्टर प्रतियोगिता के विषय ' यत्र नार्यस्तु पूज्यंते ' बारे में बताया।

अंतरराष्ट्रीय स्क्वैश खिलाड़ी और भारतीय कोच सुरभि मिश्रा ने अपने वक्तव्य में कहा कि हर व्यक्ति में ईश्वर प्रदत्त नैसर्गिक गुण होते हैं, आवश्यकता है उन्हें जानने और जीवन में अपनाने की। उन्होंने बताया कि बचपन से उन्हें अस्थमा की समस्या थी, लेकिन उनकी अभिरुचि संसार के सबसे तीव्रतम खेल स्क्वैश में थी, इसलिए तमाम बाधाओं के बीच भी उसने अपने पैशन को जिंदा रखा और उसे ही अपना करियर बनाया।

भारत की पहली महिला आई.एन.एस. विक्रमादित्य कमांडर प्रियंका चौधरी ने कहा कि उसने साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद करियर के जल सेना जैसा चुनौती भरा क्षेत्र चुना तो सभी चकित हुए लेकिन जब इसमें चयनित होकर नारी शक्ति के परचम को बुलंद करते हुए वह असाधारण और साहसिक अभियानों का अहम हिस्सा बनी तो सभी को गर्व हुआ।

प्रसिद्ध समाजशास्त्री और स्तंभकार प्रो. ऋतु सारस्वत ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान भारत की स्थिती पहले से बेहतर हुई है, लेकिन राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा आयातित विचारों के माध्यम से हमारे देश की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के खतरे के बारे में अवगत कराया। उन्होंने भारत की प्राचीन समृद्ध कुटुंब व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे यहां स्त्री और पुरुष परिवार और समाज के दो अपरिहार्य स्तंभ रहे है। उन्होंने पुरुष को आकाश और स्त्री को धरती की संज्ञा देते हुए कहा कि इनके परस्पर समर्पण और सहयोग से ही समाज और राष्ट्र की उन्नति संभव है।

इस अवसर पर ' यत्र नार्यस्तु पूज्यंते' विषय पर हुई पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ विशाल गौतम द्वारा आभार ज्ञापन हुआ। संचालन कशिश गौड़ ने किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

Livevns.news Desk
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