गरीबी की सीमा लांघ आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं बेटियां, पेशेवर चालक बनने पर मिली कारों की चाबियां

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गरीबी की सीमा लांघ आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं बेटियां, पेशेवर चालक बनने पर मिली कारों की चाबियां


जयपुर, 08 जुलाई (हि.स.)। आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बीच अपने सपनों को जीवित रखने वाली छह बेटियों के लिए बुधवार का दिन नई शुरुआत लेकर आया। आजाद फाउंडेशन और एसबीआई फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महिला बदलाव की सारथी – महिला चालक सम्मान समारोह में इन बेटियों को पेशेवर वाहन चालक बनने का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कारों की चाबियां सौंपी गईं।

राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास कहा कि आज भारतीय प्रतिभा और कौशल की पहचान पूरी दुनिया में स्थापित हो चुकी है। लगभग हर देश में भारतीय पेशेवर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार का राजस्थान फाउंडेशन विश्वभर में बसे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। फाउंडेशन के माध्यम से विभिन्न देशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक देश में स्थापित राजस्थान चैप्टर इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रवासी राजस्थान दिवस के दौरान विभिन्न देशों से आए राजस्थान चैप्टरों के प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से लेफ्ट हैंड ड्राइव वाहनों के लिए प्रशिक्षित चालकों की आवश्यकता जताई थी। उस समय यह विचार सामने आया कि राज्य में ऐसे विशेष ड्राइविंग ट्रैक विकसित किए जाएं, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लेफ्ट हैंड ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आजाद फाउंडेशन और सखा जैसी संस्थाओं की पहल न केवल महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित कर रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण का एक प्रेरक मॉडल भी प्रस्तुत कर रही है, जिससे अन्य संस्थाएं भी प्रेरणा लेंगी।

समारोह के दौरान जिन महिला चालकों को कारों की चाबियां सौंपी गईं, उनमें पिछले पांच वर्षों से सखा कैब से जुड़ीं संजू, एक वर्ष से सेवाएं दे रही विनीता, पिछले पांच वर्षों से कार्यरत सोना, पांच वर्षों से पेशेवर चालक के रूप में कार्यरत सुमित्रा और चार वर्षों से सखा के साथ जुड़ी संध्या शामिल रहीं। कठिन सामाजिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों का सामना करते हुए इन महिलाओं ने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर पेशेवर पहचान बनाई है और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल स्थापित की है। कार्यक्रम के अंत में सभी महिला चालकों को औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा, आजाद फाउंडेशन की गवर्निंग बोर्ड की चेयरपर्सन अलका शर्मा, नेशनल लीग श्रीनिवास राव समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

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