मिसाल : महिला के निधन पर पहले नेत्रदान फिर देहदान

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मिसाल : महिला के निधन पर पहले नेत्रदान फिर देहदान


जोधपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। 40 वर्षीय पाली निवासी नीता कोका की 8जनवरी को एमडीएम अस्पताल में उपचार के दौरान स्वर्गवास हो गया। परिजनो व माता पिता को पहले नेत्रदान फिर देहदान के बारे में विस्तार से समझाने वाले महेन्द्र भंडारी एवम् रमेश कुमार भंसाली ने पुण करवाई।

एसएन मेडिकल कॉलेज के शोध में नियुक्त डॉक्टर एवम् छात्रों को बॉडी के बारे मे ज्ञान अर्जित करने का देह दान करने का निर्णय सराहनीय रहा।

8 जनवरी को पहले नेत्रदान करवाया गया जिसमें राजेंद्र अहम भूमिका निभाई। तत्पश्चात 9 जनवरी को पिता सज्जन राज कोका एवम् माता निर्मला कोका के साथ स्वर्गीय नीता कोका की बहनें जयश्री, अनीता, सुनीता एवम् भाई संदीप कोका की सहमति से उपरोक्त कार्य करवाने की सहमति प्रदान की गई।

लगभग 40 दिनों से वेंटिलेटर पर एमजीएच में एडमिट रही स्वर्गीय नीता के माताजी व बड़ी बहन जयश्री ने जबरदस्त सेवा का कार्य कर समाज का बड़ा संदेश दिया। इस देहदान से हजारों मेडिकल में पढऩे वाले बच्चों को सहायता मिलेगी।

हिन्दू धर्म में जहां शव को दाहसंस्कार कर मोक्ष में जाने की बात कही गई है लेकिन वर्तमान युग में देहदान कर दोहरा मोक्ष प्राप्त किया माना जाएगा ऐसा घर वालों ने ओर संपूर्ण परिजनों ने बताया। प्रेरणा स्रोत सराहनीय कार्य करवाने हेतु रमेश कुमार भंसाली की समाज ने स्वर्त्र प्रशंसा की।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

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