रील्स में गूंजा नारी शक्ति का संदेश: शक्ति वंदन महोत्सव के विजेता सम्मानित

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रील्स में गूंजा नारी शक्ति का संदेश: शक्ति वंदन महोत्सव के विजेता सम्मानित


जयपुर, 22 मार्च (हि.स.)। नारी सम्मान—स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को समर्पित शक्ति वंदन महोत्सव में आयोजित विशेष रील प्रतियोगिता के विजेताओं को निवर्तमान महापौर डॉ सौम्या गुर्जर ने झालाना स्थित आरआईसी सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में रविवार को सम्मानित किया। महोत्सव में 400 महिलाओं को निःशुल्क स्टॉल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार का अवसर दिया गया, वहीं सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण के साथ स्वास्थ्य जागरूकता के कई महत्वपूर्ण सत्र भी आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के हर पल को सहेजने के लिए आयोजित रील प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने महोत्सव की गतिविधियों, भावनाओं और अनुभवों को बेहद रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। इन रील्स के माध्यम से नारी शक्ति का उत्साह, भारतीय संस्कृति की झलक और सामाजिक संदेश प्रभावशाली रूप से सामने आए।

प्रतियोगिता में रजत जैन ने प्रथम, प्रीति अधिकारी ने द्वितीय तथा रिकी शेखावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर उनके प्रयासों की सराहना की गई।

निवर्तमान महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने सभी कंटेंट क्रिएटर्स की प्रशंसा करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली ऐसी पहल अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से महोत्सव की भावना को जन-जन तक पहुँचाया और भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा एवं सभ्यता से नई पीढ़ी को जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि रील्स में माँ पन्नाधाय के त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की प्रेरक गाथा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला। इसके अलावा 500 महिलाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में तलवारबाजी सीखने, स्टॉल पर महिलाओं उद्यमियों की रचनाओं, प्रमुख विषयों पर हुए सत्रों के कंटेंट और सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण में एक हजार बच्चियों के टीकाकरण के क्रिएटिव को बेहतरीन ढंग से कवर किया और आमजन तक पहुंचाया।

डॉ. गुर्जर ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारतीय संस्कृति को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने वाले युवाओं की सराहना करते रहे हैं, जो ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शक्ति वंदन महोत्सव में यह प्रतियोगिता केवल पुरस्कार तक सीमित नहीं रही, बल्कि नारी सम्मान, स्वास्थ्य जागरूकता, स्वावलंबन और राष्ट्रभावना के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनी।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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