सुरक्षित नहीं वाई-फाई तो घर तक पहुंच सकता है साइबर अपराधी

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सुरक्षित नहीं वाई-फाई तो घर तक पहुंच सकता है साइबर अपराधी


जयपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। घर और दफ्तर में इस्तेमाल होने वाले वाई-फाई नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने आमजन को सतर्क किया है। पुलिस ने चेताया है कि वाई-फाई राउटर की सुरक्षा कमजोर होने पर अनजान उपकरण नेटवर्क से जुड़ सकते हैं और इसके जरिए आंकड़ों की चोरी, सेंधमारी, साइबर ठगी तथा निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर अपराध वीके सिंह ने बताया कि सबसे पहले राउटर का डिफॉल्ट प्रशासक पासवर्ड बदलना चाहिए। वाई-फाई पासवर्ड में बड़े-छोटे अक्षर, अंक और विशेष चिन्हों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही नेटवर्क का नाम ऐसा रखने को कहा गया है, जिससे उपयोगकर्ता की पहचान या राउटर के ब्रांड की जानकारी आसानी से सामने न आए।

नेटवर्क से कोई अनजान उपकरण जुड़ा होने का संदेह होने पर मोबाइल या लैपटॉप को वाई-फाई से जोड़कर राउटर के प्रशासक पृष्ठ पर प्रवेश किया जा सकता है। सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1 के जरिए राउटर की व्यवस्थाएं खोली जा सकती हैं। जुड़े उपकरण या उपकरण सूची में नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी देखी जा सकती है। अनजान उपकरण मिलने पर उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है।

पुलिस ने राउटर में डब्ल्यूपीए 3 सुरक्षा प्रणाली इस्तेमाल करने की सलाह दी है। डब्ल्यूपीए 3 उपलब्ध नहीं होने पर डब्ल्यूपीए2-एईएस का उपयोग किया जा सकता है। वहीं पुराने डब्ल्यूपीए और डब्ल्यूपीए प्रणाली का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। सुरक्षा के लिहाज से डब्ल्यूपीए और दूरस्थ प्रबंधन सुविधा भी बंद रखने की सलाह दी गई है।

स्मार्ट टीवी और अन्य इंटरनेट से जुड़े उपकरणों को मुख्य नेटवर्क से अलग रखने के लिए अतिथि नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मुख्य वाई-फाई से जुड़े मोबाइल, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

राउटर के सॉफ्टवेयर को भी समय-समय पर अद्यतन करते रहने की सलाह दी गई है, ताकि नए सुरक्षा सुधार मिलते रहें। जरूरत के अनुसार भरोसेमंद उपकरणों के एमएसी पते को स्वीकृत सूची में रखने की सुविधा भी इस्तेमाल की जा सकती है।

राजस्थान पुलिस ने कहा है कि वाई-फाई नेटवर्क से छेड़छाड़, सेंधमारी या साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल पुलिस या साइबर पुलिस थाने को सूचना दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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