अट्ठारह राज्यों के दाे साै से अधिक प्रतिनिधियों ने नाप-तौल उद्योग की समस्याओं पर किया मंथन

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अट्ठारह राज्यों के दाे साै से अधिक प्रतिनिधियों ने नाप-तौल उद्योग की समस्याओं पर किया मंथन


जयपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ वेइंग इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडर्स एसोसिएशन (एआईएफडब्ल्यूआईटीए) के राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से जुटे नाप-तौल उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने उद्योग की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। राजस्थान वेट्स एंड मेजर्स डीलर्स एसोसिएशन (आरडब्ल्यूएमडीए) की मेजबानी में आयोजित अधिवेशन में 18 राज्यों के संगठनों से जुड़े 200 से अधिक प्रतिनिधि, निर्माता और डीलर शामिल हुए।

आरडब्ल्यूएमडीए अध्यक्ष प्रभात गुप्ता ने कहा कि नाप-तौल उद्योग से जुड़े व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए देशभर में एक समान व्यवस्था की आवश्यकता है। जीएटीसी के नियमों, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और लाइसेंसिंग से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

महासचिव हरीश मेहता ने कहा कि पूरे देश में नाप-तौल उपकरणों की स्टांपिंग फीस, पेनल्टी और नियमों के लिए एक समान केंद्रीय ढांचा बनाया जाना चाहिए। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियम और शुल्क होने से कारोबारियों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि अधिवेशन में जीएटीसी नियमों, रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया, समान स्टांपिंग फीस और पेनल्टी के साथ उपभोक्ता जागरूकता तथा डीलरों के प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने उद्योग को एकजुट कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से अपनी समस्याएं रखने पर भी सहमति जताई।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं में सही नाप-तौल के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही डीलरों के लिए नियमित प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि ग्राहकों को बेहतर और विश्वसनीय सेवाएं मिल सकें।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल कुमार ने कहा कि संगठन को देशभर में मजबूत करने के लिए उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम चार क्षेत्रीय जोन बनाए जाने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी आयोजित करने और संगठन के बायलॉज में आवश्यक संशोधन करने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय महामंत्री विनोद शर्मा ने कहा कि उद्योग से जुड़े मुद्दों को संगठित तरीके से केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा, ताकि जीएटीसी सहित अन्य नियमों में व्यावहारिक सुधार किए जा सकें। कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ने संगठन की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अधिवेशन में राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित देशभर से आए नाप-तौल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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