निगम की निगरानी कमजोर, हर सड़क पर रातों-रात खड़े हो रहे अवैध विज्ञापन गेट

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निगम की निगरानी कमजोर, हर सड़क पर रातों-रात खड़े हो रहे अवैध विज्ञापन गेट


जयपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। निगम की निगरानी कमजोर होने के कारण शहर में रातों-रात सड़क पर अवैध विज्ञापन गेट चमक रहे है। कई दिन चमकने के बाद निगम विज्ञापन हटाने की कार्रवाई करता है, लेकिन लगाने वाले से विज्ञापन लगाने की तय राशि नहीं वसूल जाती है। लेकिन जुर्माने के नाम पर केवल उस विज्ञापन गेट को हटाने की मजदूरी ली जाती है। इससे निगम को दीपावली के सीजन में लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। आगामी समय में देश का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली है। दीपावली को लेकर जेडीए-निगम के साथ व्यापारी और आमजन भी शहर को सजाने-संवारने में लगे है, लेकिन ये अवैध विज्ञापन यातायात को तो प्रभावित कर रहे साथ ही शहर की सुंदरता को भी खराब कर रहे है। इस मामले में निगम के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विज्ञापन गेट लगाने का शुल्क किससे ले, कोई मालिक ही सामने नहीं आता। विशेष बात यह है कि जिस कम्पनी या फर्म का विज्ञापन गेट पर लगाया गया है उस कम्पनी से निगम अधिकारी सम्पर्क ही नहीं करते या पहले ही सेंटिंग हो जाती है यह जांच का विषय है। गेट हटाने की मजदूरी के रुप में दो से चार हजार रुपये का जुर्माना खड़ा करने वाली फर्म या मजदूरों से लेकर खानापूर्ति की जा रही है। शहर में महल रोड, टोंक रोड, आगरा रोड, कालवाड़ रोड, सिरसी सहित अन्य सड़कों के वर्तमान हालात कुछ ऐसे ही नजर आ रहे है। अवैध गेट खड़े करने वालों को लेकर निगम की कोई स्पष्ट नीति या नियम नहीं होने का भी व्यापारी लाभ उठा रहे है।

नगर निगम की ओर से कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। अब केवल निगम की ओर से एक बार ही इस प्रकार के गेट हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया है। इसको लेकर निगम प्रशासन ने 13 अक्टूबर को अधिकारिक सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई थी। हालांकि इसके बाद निगम की ओर से ऐसे गेट हटाने को लेकर कार्रवाई की अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। यहीं नहीं अवैध रुप से गेट खड़ा करने के लिए जेडीए और निगम की सड़कों को भी खोदा जा रहा है। इन सड़कों की मरम्मत पर जेडीए व निगम को अतिरिक्त खर्चा भी करना पड़ेगा।

नगर निगम पर आने वाले समय में धन लक्ष्मी की मेहर होगी। नए परिसीमन में शामिल इलाकों में निगम आमजन और व्यापारियों के लिए 200 से अधिक नई विज्ञापन साइट बनाएगी। इन विज्ञापन साइट्स से निगम को करीब 40 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलेगा। निगम प्रशासन के लिए नई साइट्स के लिए जगह चिन्हित कर ली है और दीपावली से पहले यहां पर विज्ञापन साइट तैयार कर दी जाएगी। इसके बाद आमजन और व्यापारी यहां पर अपने विज्ञापन निगम को निर्धारित शुल्क देकर लगा सकेंगे। एक विज्ञापन साइट के लिए 20 लाख रुपये में एक माह के लिए आमजन या व्यापारियों को मिल सकेंगी। नगर निगम के उपायुक्त राजस्व प्रथम नवीन कुमार ने बताया कि परिसीमन के बाद शामिल इलाकों में निगम की नई विज्ञापन साइट्स बनाई जा रही है। यहां पर करीब 200 विज्ञापन साइट बनेगी। इससे निगम को अच्छा राजस्व मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

Livevns.news Desk
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