जनसहभागिता से जल संरक्षण को मिलेगा नया आयाम: मिश्रा

WhatsApp Channel Join Now
जनसहभागिता से जल संरक्षण को मिलेगा नया आयाम: मिश्रा


जोधपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। जिला परिषद जोधपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा के निर्देशानुसार जल संरक्षण एवं पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से बुधवार से जिले में विशेष श्रमदान अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला परिषद की इस अभिनव पहल के तहत अभियान के प्रथम दिवस जिले की पांच पंचायत समितियों की पांच ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों एवं नाडियों पर श्रमदान कार्य प्रारंभ किया गया। अभियान में जिला स्तरीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों तथा ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए श्रमदान किया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिश्रा ने बताया कि प्रथम चरण में पंचायत समिति मण्डोर की ग्राम पंचायत बनाड़ स्थित अमृत सरोवर, पंचायत समिति बिलाड़ा की ग्राम पंचायत कापरड़ा के गंवई तालाब, पंचायत समिति सेखाला की ग्राम पंचायत गोगादेवगढ़ की विश्वकर्मा नाड़ी, पंचायत समिति चामू की ग्राम पंचायत गीलाकौर के केरला नाड़ा तथा पंचायत समिति बालेसर की ग्राम पंचायत दुगर के गंवई मॉडल तालाब पर श्रमदान अभियान संचालित किया गया। उन्होंने बताया कि इन सभी स्थानों पर सरपंच, वार्ड पंच, ग्रामवासी तथा जिला एवं पंचायत समिति स्तर के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत समिति मण्डोर के अमृत सरोवर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी गणपतलाल सुथार तथा पंचायत समिति बिलाड़ा की ग्राम पंचायत कापरड़ा के गंवई तालाब पर जिला परिषद के अधिशासी अभियंता सोहम स्वरूप शर्मा ने स्वयं श्रमदान कर अभियान में सहभागिता निभाई।

मिश्रा ने बताया कि अभियान के तहत तालाबों एवं नाडियों के कैचमेंट क्षेत्र से प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री हटाई जा रही है। साथ ही जल भराव में बाधा बन रही झाडिय़ों की कटाई तथा तालाबों की जलधारण क्षमता बढ़ाने के लिए गाद निकालने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई एवं गाद निकासी के बाद तालाबों और नाडियों की जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण संभव हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल एवं पशुओं के लिए जल उपलब्धता बढऩे के साथ-साथ पौधों एवं हरित क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा तथा पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

Share this story