नवकार महामंत्र आत्मशुद्धि का दिव्य मार्ग- राज्यपाल बागडे

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नवकार महामंत्र आत्मशुद्धि का दिव्य मार्ग- राज्यपाल बागडे


नवकार महामंत्र आत्मशुद्धि का दिव्य मार्ग- राज्यपाल बागडे


भीलवाड़ा, 09 अप्रैल (हि.स.)। वैश्विक आह्वान पर भीलवाड़ा गुरूवार को आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति का अनुपम संगम बन गया, जब मेडिसिटी ग्राउंड पर “विश्व नवकार महामंत्र दिवस” के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का जाप किया। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने पूरे शहर को धर्म, आस्था और साधना की ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि नवकार महामंत्र किसी एक व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में रची-बसी आत्मशुद्धि, आस्था और साधना का सार्वभौमिक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह महामंत्र मनुष्य को भीतर से सशक्त बनाता है और उसे उच्चतर जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर करता है। बागड़े ने इसे विश्व के प्राचीनतम और पवित्रतम मंत्रों में से एक बताते हुए कहा कि यह अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद जैसे महान सिद्धांतों पर आधारित है, जो आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

राज्यपाल ने जैन धर्म की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि तीर्थंकरों ने अपने जीवन से यह सिखाया कि क्रोध, मोह और द्वेष जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर ही आत्मज्ञान और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। उन्होंने सभी को इन विकारों का त्याग कर आत्मोन्नति के पथ पर चलने का आह्वान किया।

समारोह में सहकारिता राज्य मंत्री गौतम दक ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में चल रहे संघर्ष और युद्ध मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश ही विश्व शांति का आधार बन सकता है। उन्होंने अपरिग्रह के सिद्धांत को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि समाज में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति को त्यागकर हमें जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने सभी से समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली पहुंचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

सांसद दामोदर अग्रवाल ने भारतीय संस्कृति के मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारी परंपराएं अहिंसा, सद्भावना और विश्व कल्याण के संदेश से ओत-प्रोत हैं। उन्होंने कहा कि “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो” जैसे संदेश मानवता को सही दिशा प्रदान करते हैं।

भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने जैन दर्शन के अनुमोदना सिद्धांत की व्याख्या करते हुए कहा कि जिन आदर्शों के प्रति श्रद्धा होती है, उनका अनुसरण स्वतः ही जीवन में उतर जाता है। उन्होंने कहा कि नवकार महामंत्र का नियमित जाप मन और हृदय की शुद्धि करता है और व्यक्ति को मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करता है।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और भावनात्मक क्षण वह रहा, जब हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। पूरे मेडिसिटी ग्राउंड में मंत्रोच्चार की गूंज से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वातावरण में दिव्यता स्वयं उतर आई हो। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए भक्ति में लीन होकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

समारोह में माण्डलगढ़ विधायक गोपाल लाल, सहाड़ा विधायक लादुलाल पितलिया, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जीतो के महावीर चैधरी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी तथा जैन समाज के सैकड़ों वरिष्ठजन भी मौजूद रहे।

इससे पूर्व राज्यपाल के आगमन पर जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने उनका स्वागत किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद

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