जयपुर में खूंखार और रेबीज संक्रमित कुत्तों के लिए बनेंगे दो नए शेल्टर होम
जयपुर, 20 मई (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जयपुर नगर निगम ने डॉग बाइट की घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। निगम शहर में खूंखार और रेबीज संक्रमित आवारा कुत्तों को रखने के लिए दो नए शेल्टर होम बनाएगा। ये शेल्टर होम हिंगोनिया और लांगडियावास क्षेत्र में स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए निगम ने टेंडर सहित अन्य प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार निगम की टीमें शहरभर में अभियान चलाकर रेबीज और खूंखार कुत्तों की पहचान करेंगी तथा उन्हें पकड़कर अलग-अलग शेल्टर होम में रखा जाएगा। रेबीज संक्रमित कुत्तों के संबंध में इलाज या यूथेनेशिया (दया मृत्यु) का निर्णय चार डॉक्टरों की समिति करेगी। निगम के अनुसार रेबीज संक्रमित कुत्तों की पहचान उनके व्यवहार और लक्षणों के आधार पर की जाएगी। ऐसे कुत्तों को पानी से डर लगता है और उनके मुंह से लगातार लार टपकती रहती है।
निगम द्वारा बनाए जाने वाले प्रत्येक शेल्टर होम में एक हजार कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए एक हजार केनल्स बनाए जाएंगे। यहां कुत्तों के उपचार, भोजन और देखभाल की समुचित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बाजार और सार्वजनिक स्थानों से पकड़कर लाए गए कुत्तों को चार से पांच दिन तक शेल्टर होम में रखा जाएगा, जिसके बाद समिति की अनुशंसा पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में नगर निगम के पास केवल लगभग 500 कुत्तों को रखने की क्षमता है। निगम फिलहाल एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम चला रहा है, जिसके तहत आवारा कुत्तों को पकड़कर नसबंदी और टीकाकरण के बाद पुनः उनके क्षेत्र में छोड़ा जाता है।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में वर्तमान में लगभग 1.35 लाख कुत्ते हैं, जबकि पालतू कुत्तों की संख्या 10 हजार से अधिक आंकी गई है। इसके बावजूद केवल 450 पालतू कुत्तों का ही निगम में पंजीकरण कराया गया है। निगम प्रशासन अब बिना पंजीकरण पालतू कुत्ते रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। नियमों के अनुसार पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है और उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा था कि रेबीज संक्रमित और अत्यधिक खतरनाक आवारा कुत्तों को कानून के तहत इंजेक्शन देकर मारा जा सकता है। अदालत ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और गरिमा के साथ जीने का अधिकार सर्वोपरि है। कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेशों के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करते हुए नवंबर 2025 में जारी निर्देशों को लागू रखने के आदेश दिए थे।
इन निर्देशों में स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हाईवे जैसे सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाने, नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें पुनः उसी स्थान पर नहीं छोड़ने तथा शेल्टर होम में रखने के निर्देश शामिल हैं। अदालत ने सड़कों पर कुत्तों को खाना खिलाने पर भी रोक लगाने की बात कही थी।
डॉ. नेहा गौड़ ने बताया कि खूंखार और रेबीज संक्रमित कुत्तों को पकड़ने के लिए जल्द विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो नए शेल्टर होम में लगभग दो हजार कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी और आगामी एक माह में इनका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश

