180 की स्पीड पर वंदे भारत ट्रेनसेट का सफल अंतिम परीक्षण
काेटा, 16 मई (हि.स.)। कोटा मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के लिए आज का दिन गर्व और उपलब्धि का दिन है। रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ), कपूरथला द्वारा निर्मित एवं अल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड की अत्याधुनिक ट्रेन नियंत्रण एवं प्रणोदन प्रणाली से सुसज्जित 16-कार वंदे भारत ट्रेनसेट का परीक्षण क्रम शनिवार 16 मई को सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया। 27 अप्रैल से प्रारंभ यह परीक्षण श्रृंखला 21 दिनों तक कोटा मंडल के विभिन्न रेल खंडों पर संचालित रही।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि यह परीक्षण भारतीय रेलवे के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ के निदेशक (परीक्षण) संदीप गुप्ता एवं सहायक अनुसंधान अभियंता धीरेन्द्र कुलश्रेष्ठ की देखरेख में संपन्न हुआ। परीक्षण के अंतर्गत 16-कार रेक को लदी एवं खाली दोनों अवस्थाओं में, आर्द्र एवं शुष्क ट्रैक की परिस्थितियों में तथा विभिन्न वक्राकार मार्गों पर 180 किलाेमीटर प्रति घंटे की गति तक परखा गया। इसमें दोलन, झटके एवं कंपन सहित समस्त तकनीकी मानकों का परीक्षण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया गया।
परीक्षण के दौरान 180 किलाेमीटर प्रति घंटे की गति पर आपातकालीन ब्रेकिंग दूरी परीक्षण (सर्विस ब्रेक सहित), आपातकालीन ब्रेकिंग तापीय क्षमता परीक्षण तथा विजीलेंस कंट्रोल डिवाइस परीक्षण भी सफलतापूर्वक सम्पन्न किए गए। 180 किलाेमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति का परीक्षण कोटा-चौमहला-रवांजना डूंगर-कोटा खंड पर किया गया।
इस ऐतिहासिक परीक्षण का संचालन कोटा मंडल के अनुभवी दल द्वारा किया गया, जिसमें लोको पायलट विपिन कुमार सिंह, सहायक लोको पायलट हरनाम सिंह, मुख्य लोको निरीक्षक वाई. के. शर्मा, यातायात निरीक्षक सुशील कुमार जेठवानी तथा ट्रेन प्रबंधक आर. डी. मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके साथ अल्सटॉम की विशेषज्ञ तकनीकी टीम ने परीक्षण के प्रत्येक चरण में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
यह परीक्षण श्रृंखला स्वदेशी निर्माण क्षमता एवं वैश्विक प्रौद्योगिकी के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भारतीय रेल को अर्धउच्च गति परिवहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

