दस दिवसीय दिवेर विजय महोत्सव 16 सितंबर से

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दस दिवसीय दिवेर विजय महोत्सव 16 सितंबर से


उदयपुर, 15 सितंबर (हि.स.)। मुगल आक्रांताओं पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की निर्णायक जीत के साक्षी दिवेर युद्ध विजय की स्मृति के उपलक्ष्य में प्रताप गौरव केन्द्र ‘राष्ट्रीय तीर्थ’ में 16 सितंबर से 26 सितम्बर तक भव्य दिवेर विजय महोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन समारोह बुधवार शाम 6 बजे प्रताप गौरव केन्द्र के पद्मिनी सभागार में होगा।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अंतर्गत संचालित प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने बताया कि उद्घाटन समारोह में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम होंगे तथा मुख्य अतिथि राज्य के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे। इस बार दिवेर विजय पर विशेष नुक्कड़ नाटक तैयार किया गया है। नुक्कड़ नाटक के अलग—अलग दल 16 से 26 सितम्बर के बीच इसका मंचन करेंगे। नाटक के जरिये महाराणा प्रताप की निर्णायक विजय का डंका गुंजाया जाएगा। 19 से 26 सितम्बर तक प्रताप गौरव केन्द्र परिसर में विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन होगा। इनमें राष्ट्रीय स्तर की चित्रकला कार्यशाला, पुरालेख कार्यशाला भी शामिल होंगी।

महोत्सव के संयोजक रमन सूद ने बताया कि 22 सितंबर को चित्रकला प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का विषय ‘महाराणा प्रताप : शौर्य, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण और मेवाड़ की गौरवगाथा या अंत?’ रखा गया है। प्रतियोगिता विद्यालय स्तर पर कक्षा 10वीं से 12वीं तथा महाविद्यालय स्तर पर होगी।

इसी क्रम में 20 सितंबर को ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया जाएगा। पंजीयन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है। प्रतियोगिता में तीन वर्ग होंगे। प्रथम वर्ग में कक्षा 6 से 8, द्वितीय वर्ग में कक्षा 9 से 12 तथा तृतीय वर्ग में महाविद्यालय एवं निजी विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राजस्थान के सह-आयोजन में भाषण प्रतियोगिता 2026 का भी आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य विषय ‘विजयी योद्धा एवं कुशल प्रशासक के रूप में महाराणा प्रताप’ रखा गया है। संभाग स्तर की प्रतियोगिता 17 एवं 18 सितंबर तथा अंतिम राज्य स्तरीय मुकाबला 26 सितंबर को होगा।

दिवेर विजय महोत्सव के अंतर्गत फोटोग्राफी प्रतियोगिता 2026 भी होगी। मोबाइल एवं कैमरा फोटोग्राफी की दो श्रेणियों में होने वाली इस प्रतियोगिता के लिए 19 एवं 20 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे तक तस्वीरें ली जा सकेंगी। शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष, चेतक और प्रताप, मेवाड़ की संस्कृति, प्रकाश और छाया में प्रताप, नई पीढ़ी और इतिहास तथा ‘मेरी नजर में महाराणा प्रताप’ जैसे विषयों पर प्रतिभागी अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रविष्टियां जमा कराने की अंतिम तिथि 23 सितंबर शाम 5 बजे तक है।

रील मेकिंग प्रतियोगिता 2026 के तहत 19 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तक रील्स वॉक होगी। रील की शूटिंग के लिए 19 एवं 20 सितंबर को सुबह 10 से 12 बजे तथा शाम 5 से 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। प्रतिभागी महाराणा प्रताप का शौर्य, स्वाभिमान और स्वतंत्रता, दिवेर विजय, चेतक और महाराणा प्रताप, प्रताप का संघर्ष और संकल्प, मेवाड़ की गौरवशाली संस्कृति, मेवाड़ की धरती और वीरता, नई पीढ़ी और महाराणा प्रताप तथा ‘प्रताप के विचार और आज का युवा’ जैसे विषयों पर रील तैयार कर सकेंगे।

सह संयोजक देवेन्द्र श्रीमाली ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रविष्टियां जमा कराने की अंतिम तिथि 22 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके परिणाम 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे, जबकि पुरस्कार एवं सम्मान समारोह 26 सितंबर को होगा।

सह संयोजक हरीश राजानी ने बताया कि निबंध प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रविष्टियां प्राप्त करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर है तथा परिणाम 23 सितंबर को घोषित किए जाएंगे। प्रतियोगिता तीन श्रेणियों में होगी। विद्यालय स्तर पर कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए ‘महाराणा प्रताप : एक बहुआयामी व्यक्तित्व एवं उनका कृतित्व’ विषय पर 800 से 1000 शब्दों का निबंध लिखना होगा। महाविद्यालय स्तर पर ‘महाराणा प्रताप की वर्तमान प्रासंगिकता’ विषय पर 1300 से 1500 शब्दों का निबंध होगा। मुक्त श्रेणी में बिना आयु सीमा के प्रतिभागी दिवेर युद्ध, सैन्य रणनीति, मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत सहित निर्धारित 10 शोधपरक विषयों में से किसी एक पर 1800 से 2000 शब्दों का निबंध प्रस्तुत कर सकेंगे।

महोत्सव के अंतर्गत लघु फिल्म निर्माण की कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला 19 से 26 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। प्रतियोगिताओं एवं कार्यशाला का पंजीयन जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

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