टीबी की समय पर पहचान और पूरा उपचार जरूरी:डॉ. अंकित बंसल

WhatsApp Channel Join Now
टीबी की समय पर पहचान और पूरा उपचार जरूरी:डॉ. अंकित बंसल


जयपुर, 25 मार्च (हि.स.)। राजस्थान में स्वास्थ्य विभाग के हालिया क्षय रोग (टीबी) स्क्रीनिंग अभियान ने यह स्पष्ट किया है कि टीबी आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। देश में हर वर्ष करीब 28 लाख नए टीबी मरीज सामने आते हैं, जो वैश्विक मामलों का 25 प्रतिशत से अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि छिपे हुए मामलों के कारण समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी हो गया है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, जयपुर के सीनियर कंसल्टेंट (पल्मोनोलॉजी) डॉ. अंकित बंसल ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन यह लिम्फ नोड्स, हड्डियों और मस्तिष्क सहित अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने से हवा के माध्यम से फैलती है और किसी भी व्यक्ति को हो सकती है।

उन्होंने बताया कि दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख में कमी और गंभीर मामलों में बलगम में खून आना इसके प्रमुख लक्षण हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

डॉ. बंसल के अनुसार टीबी का इलाज संभव है और मरीज 6 से 9 माह तक नियमित दवा लेकर पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। राष्ट्रीय टीबी कार्यक्रम के तहत दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बीच में उपचार छोड़ने से बीमारी दवा-प्रतिरोधी बन सकती है, जो अधिक खतरनाक होती है।

विशेषज्ञों ने बचाव के लिए समय पर जांच, खांसते समय मुंह ढकने, संतुलित आहार लेने, धूम्रपान से बचने और मरीजों को सहयोग देने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच और पूर्ण उपचार के जरिए टीबी को नियंत्रित किया जा सकता है और जीवन बचाया जा सकता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story