बेटियों की शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता से सशक्त होगा राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बेटियां समाज और राष्ट्र की शक्ति हैं। जब बेटियों को शिक्षा, संस्कार, सम्मान और समान अवसर मिलते हैं, तो केवल एक बालिका ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज प्रगति करता है। बालिका शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान ने देश में बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। राज्य सरकार भी शिक्षा को सर्वसुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के साथ बालिकाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को जयपुर के मानसरोवर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित प्रतिभा विकास शिविर समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति, ऋषि-मुनियों, संतों और महापुरुषों ने हजारों वर्षों से समाज को जीवन मूल्यों और कर्तव्यों का संदेश दिया है। हमें अपनी गौरवशाली विरासत, महापुरुषों के आदर्शों और सांस्कृतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना होगा। केवल अधिकारों की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझना भी उतना ही आवश्यक है। माता-पिता, बुजुर्गों और परिवार के प्रति सम्मान एवं सेवा का भाव हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण विशेषता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार की नीतियों से बालिकाओं के जन्म, शिक्षा एवं सामाजिक सहभागिता के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी बालिकाओं को समान अवसर, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दिया गया है। बालिका शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा में अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, विचार और संस्कारों के निर्माण का आधार भी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों तथा कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाओं को यूनिफॉर्म एवं स्कूल बैग के लिए 800 रुपये प्रति विद्यार्थी की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है। अब तक 66 लाख विद्यार्थियों को 482 करोड़ रुपये की डीबीटी की जा चुकी है। वहीं कक्षा 1 से 8 तक के लगभग 41 लाख 56 हजार विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए करीब 250 करोड़ रुपये सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में 4 हजार से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं तथा 500 पीएम श्री विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की गई हैं। 20 हजार से अधिक विद्यालयों में 41 हजार से अधिक विज्ञान एवं गणित किट उपलब्ध करवाई गई हैं। वहीं, पिछले दो शैक्षणिक सत्रों में विद्यार्थियों को 8 करोड़ से अधिक पुस्तकें, 14 लाख साइकिलें, 88 हजार से अधिक टैबलेट निशुल्क वितरित करने के साथ-साथ आरटीई के तहत विगत 2 सत्रों में 4 लाख 41 हजार विद्यार्थियों को निशुल्क प्रवेश भी दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 3 लाख 63 हजार बालिकाओं को 109 करोड़ रुपये तथा बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत 3 लाख से अधिक बालिकाओं को 158 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। पीएम पोषण योजना के अंतर्गत श्रीकृष्ण भोग कार्यक्रम संचालित कर भामाशाह, आमजन एवं शिक्षक विशेष अवसरों पर स्कूली बच्चों को भोजन प्रायोजित कर सकते हैं। वहीं, 4 हजार से अधिक सरकारी विद्यालयों में सेनेटरी पैड मशीनें स्थापित की गई हैं। वंचित वर्गों एवं श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से ऑन डिमांड परीक्षा की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति और समस्त जीवों के प्रति संवेदना का संदेश देती है। हमारे किसान की पहली बुवाई में भी यही भावना समाहित रहती है कि उसकी फसल का लाभ पशु-पक्षियों, साधु-संतों, अतिथियों और समस्त जीवों को भी मिले। यही हमारी संस्कृति की व्यापकता और सर्वकल्याण की भावना है। बालिकाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का भी गहन अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य को पहचानें तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 25 लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है तथा 20 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं, ड्रोन दीदी, बैंक दीदी, पशुपालक दीदी, कृषक दीदी एवं लाडो प्रोत्साहन योजना जैसी पहलों से महिलाओं एवं बालिकाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं इन योजनाओं का लाभ लें और कम से कम 10 अन्य महिलाओं एवं बहनों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को 4 लाख सरकारी नौकरियां उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में अब तक 1 लाख 93 हजार नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, जबकि 1 लाख 18 हजार पदों की भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अब तक 410 परीक्षाएं आयोजित की गई हैं और इनमें एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से करीब 9 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं।
समारोह में नचिकेता गुरुकुल के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में बालिकाएं उपस्थित रहीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

