ऑपरेशन री-कॉल में बड़ी कामयाबी: 790 मोबाइल बरामद, करोड़ों की ठगी पर भी कसा शिकंजा
जयपुर, 04 मई (हि.स.)। खोया हुआ मोबाइल वापस मिलना आमजन के लिए जहां किसी सपने से कम नहीं होता, वहीं जयपुर पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन री-कॉल’ ने इसे हकीकत में बदल दिया है। अभियान के तहत इस वर्ष अप्रैल माह तक कुल 790 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके मालिकों को लौटाए गए हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 से 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा ने बताया कि शहर में चलाए गए इस अभियान के तहत साइबर सेल और तकनीकी शाखा ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के अनुसार टीम ने अप्रैल माह में ही 400 मोबाइल फोन राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से बरामद किए। इन मोबाइलों को दूरसंचार विभाग के सीईआईआर पोर्टल की सहायता से ट्रेस किया गया। इससे पहले 390 मोबाइल फोन ट्रेस कर संबंधित पीड़ितों को सुपुर्द किए जा चुके हैं।
अभियान के दौरान साइबर सेल जयपुर पूर्व ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पुलिस ने साइबर पोर्टल के माध्यम से पीड़ितों की 3 करोड़ 85 लाख 24 हजार 353 रुपये की राशि होल्ड करवाई है, जबकि अब तक 65 लाख 48 हजार 465 रुपये सीधे पीड़ितों के बैंक खातों में वापस दिलाए जा चुके हैं।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत फर्जी बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बजाज नगर और प्रताप नगर थानों में मामले दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 17 निरोधात्मक (इंसदादी) कार्रवाइयां भी की गई हैं।
इस अभियान की सफलता में सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रियंका वैष्णव के नेतृत्व में टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। टीम में हेड कांस्टेबल गौरव सोलंकी, संजय राहड़, कांस्टेबल भूपेंद्र और दयाराम सहित विभिन्न थानों के तकनीकी सहायकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं। वहीं साइबर अपराध की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। साथ ही किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

