छात्र नेता शुभम रेवाड़ की बिगड़ी तबीयत
जयपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन शनिवार को 10वें दिन भी जारी रहा। इस अनशन के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और समय-समय पर चिकित्सकीय जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बड़ी संख्या में समर्थक और छात्र अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल जान रहे हैं तथा राज्य सरकार से उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।
शुभम रेवाड़ ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार और प्रशासन छात्रों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने से विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक आवाज दब रही है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि युवाओं को नेतृत्व और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लगातार चुनाव नहीं होना छात्रों के अधिकारों का हनन है।
शुभम रेवाड़ ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन दो प्रमुख मांगों को लेकर है। पहली प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल कर नियमित रूप से कराए जाएं। दूसरी राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की जाए। ताकि प्रदेश के विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में अध्ययन और शोध का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान है और विश्वविद्यालय में इसके लिए अलग विभाग स्थापित किया जाना चाहिए।
वहीं स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद शुभम रेवाड़ अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार उनकी दोनों मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेकर आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा।
ज्ञात रहे कि शुभम रेवाड़ ने 23 जुलाई को राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर आमरण अनशन शुरू किया था। स्वास्थ्य लगातार गिरने पर 30 जुलाई को पुलिस ने उन्हें चिकित्सकीय देखरेख के लिए वहां से उठाकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार शनिवार को शुभम की विस्तृत चिकित्सकीय जांच की गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

