स्पा सेंटरों में अब नहीं चलेगा बंद दरवाजों का खेल: पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश

WhatsApp Channel Join Now
स्पा सेंटरों में अब नहीं चलेगा बंद दरवाजों का खेल: पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश


जयपुर, 23 सितंबर (हि.स.)। स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सख्ती बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट प्रदीप मोहन शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत पूरे जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में स्पा और मसाज सेंटरों के संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेश 24 सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और 22 नवंबर 2026 तक अथवा आदेश निरस्त होने तक लागू रहेगा। नियमों की अवहेलना करने पर संबंधित व्यक्ति या कंपनी प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नए आदेश के तहत स्पा और मसाज सेंटरों में बंद दरवाजों के पीछे सेवाएं देने पर रोक रहेगी। कमरों के दरवाजों के अंदर किसी तरह की कुंडी या बोल्ट नहीं लगाया जा सकेगा। दरवाजे केवल ऑटो लॉक/ओपन व्यवस्था वाले होंगे। सेंटर के संचालन के समय मुख्य बाहरी दरवाजा खुला रखना भी अनिवार्य किया गया है।

पुलिस ने महिला और पुरुष ग्राहकों के लिए अलग-अलग ब्लॉक निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। दोनों के प्रवेश द्वार भी अलग होंगे तथा दोनों हिस्सों के बीच कोई अंतर-संबंध नहीं होगा। इसका उद्देश्य सेंटर के अंदर गतिविधियों की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखना है।

हर ग्राहक को अपना पहचान पत्र देना होगा। सेंटर संचालक को ग्राहक का फोन नंबर और पहचान संबंधी विवरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों के लिए भी पहचान की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कर्मचारी को नियोक्ता की ओर से जारी आईडी कार्ड पहनना होगा। स्पा या मसाज सेंटर में काम करने वाले थेरेपिस्ट और मसाज कर्मियों के पास मान्यता प्राप्त संस्था से एक्यूप्रेशर अथवा संबंधित व्यावसायिक डिप्लोमा या प्रमाण पत्र होना जरूरी होगा। किसी कर्मचारी को काम पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन यानी पीसीसी कराना भी अनिवार्य किया गया है।

आदेश के अनुसार सभी कर्मचारियों की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। सेंटर संचालक, प्रबंधक या कर्मचारियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (पीआईटीए), पॉक्सो अथवा यौन अपराध से संबंधित कोई मामला लंबित नहीं होना चाहिए।

स्पा या मसाज सेंटर के परिसर का उपयोग आवासीय कार्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। यदि सेंटर किसी आवासीय हिस्से में स्थित है तो उस हिस्से से सेंटर का कोई रास्ता या संपर्क नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही सेंटर के बाहर उसका नाम, लाइसेंस नंबर और संचालन का समय स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी इन निर्देशों के बाद शहर में संचालित स्पा और मसाज सेंटरों में नियमों की पालना को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालक या प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

Share this story