आरटीई फ्री एडमिशन में फर्जी आय प्रमाण पत्र पर अब सख्ती
जयपुर, 21 फ़रवरी (हि.स.)। राजस्थान के निजी स्कूलों में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत होने वाले नि:शुल्क प्रवेश में इस बार फर्जी आय प्रमाण पत्र पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने पहली बार आवेदन प्रक्रिया में पैन कार्ड नंबर अनिवार्य किया है। साथ ही गलत जानकारी देने या फर्जी दस्तावेज लगाने पर प्रवेश रद्द करने, दोगुनी फीस वसूलने और एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान किया गया है।
आरटीई के तहत प्रवेश के लिए 20 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो चार मार्च तक चलेगी। छह मार्च को लॉटरी के जरिए चयन किया जाएगा। 13 फरवरी को जारी नए दिशा-निर्देश इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में लागू किए गए हैं। हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई अभिभावक फर्जी आय प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चे का प्रवेश करवाता है, तो उससे संबंधित स्कूल की मूल फीस की दोगुनी राशि वसूली जाएगी। इसके साथ ही स्कूल अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकेगा।
शिक्षा विभाग की सहायक निदेशक एवं आरटीई प्रवेश प्रभारी चंद्र किरण पंवार ने बताया कि इस बार आवेदन पत्र में पहली बार पैन कार्ड की जानकारी मांगी जा रही है। जिन अभिभावकों के पास पैन कार्ड है, उन्हें पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। पैन नंबर के आधार पर आय की जांच की जा सकेगी। जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उनके लिए पैन नंबर देना जरूरी नहीं होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा साबित होता है तो प्रवेश तुरंत रद्द कर दिया जाएगा और दोगुनी फीस वसूली जाएगी। साथ ही संबंधित स्कूल कानूनी कार्रवाई भी करेगा। आरटीई प्रवेश के दौरान पहले स्तर पर जांच स्कूल द्वारा की जाएगी। यदि स्कूल को किसी अभिभावक की आर्थिक स्थिति पर संदेह होता है तो वह पैन कार्ड की मांग कर सकता है। यदि अभिभावक के पास पैन कार्ड नहीं है और संदेह बना रहता है, तो स्कूल शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत भेजेगा।
इसके बाद शिक्षा विभाग संबंधित अभिभावक से आयकर रिटर्न (आईटीआर) जमा कराने को कहेगा। यदि आईटीआर की जांच में गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और दोगुनी फीस वसूली जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

