बड़ीसादड़ी–जलोदा जागीर नई रेललाइन पर 121 किमी प्रति घंटे की स्पीड ट्रायल सफल
चित्तौड़गढ़, 18 जून (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल को गुरुवार को बड़ी उपलब्धि मिली, जब बड़ीसादड़ी से जलोदा जागीर के बीच नवनिर्मित 13.77 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेल लाइन का संरक्षा निरीक्षण और स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सफलता के साथ क्षेत्र में रेल संपर्क विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक के अनुसार, पश्चिम मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने बड़ीसादड़ी से जलोदा जागीर तक मोटर ट्रॉली के माध्यम से रेल ट्रैक, घुमावों, पुलों, सिग्नलिंग प्रणाली तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद जलोदा जागीर से बड़ीसादड़ी के बीच विशेष निरीक्षण ट्रेन का संचालन कर 121 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से स्पीड ट्रायल किया गया।
स्पीड ट्रायल के दौरान ट्रैक की स्थिरता और गुणवत्ता उत्कृष्ट पाई गई। निरीक्षण में ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) के पीक्स 0.12 से ऊपर दर्ज नहीं हुए, जो सुरक्षित रेल संचालन के निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं। इससे स्पष्ट हुआ कि रेलखंड नियमित यात्री और मालगाड़ी संचालन के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।
निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के दौरान प्रधान मुख्य रेल इंजीनियर, मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार इंजीनियर, अजमेर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा, उप मुख्य इंजीनियर (निर्माण) मयंक गुप्ता सहित मुख्यालय एवं मंडल के वरिष्ठ तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तर-पश्चिम रेलवे की निर्माण इकाई ने इस 13.77 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर सिविल कार्यों के साथ-साथ सिग्नलिंग और विद्युतीकरण का कार्य भी रिकॉर्ड समय में पूरा किया। परियोजना के तहत लगभग 117.09 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया।
रेलखंड निर्माण में करीब 17.14 लाख घन मीटर कटाई और भराव कार्य किया गया, जबकि ट्रैक की मजबूती के लिए 55 हजार घन मीटर निर्माण सामग्री का उपयोग हुआ। परियोजना के अंतर्गत दो स्टेशनों पर हाई-लेवल प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। इसके अलावा चार बड़े पुल, 17 छोटे पुल, एक रोड ओवरब्रिज, एक सबवे तथा 13 रोड अंडरब्रिज का निर्माण भी किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि स्पीड ट्रायल के सफल समापन और भविष्य में ट्रेनों के नियमित संचालन को देखते हुए रेलवे ट्रैक से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। मवेशियों को रेलवे लाइन के आसपास न जाने दें तथा अनधिकृत रूप से ट्रैक पार करने से बचें। रेलवे ने यात्रियों और ग्रामीणों से केवल अधिकृत सबवे और अंडरपास का उपयोग करने का आग्रह किया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। नई रेललाइन के शुरू होने से क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर होगा तथा स्थानीय लोगों को आवागमन और आर्थिक गतिविधियों में सुविधा मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

