अधिवक्ता परिषद को एएफटी बैंच के स्टडी सर्किल में पुलिस टीम ने समझाई साइबर फ्रॉड की बारीकियां
जयपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बैंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष स्टडी सर्किल आयोजित किया गया, जिसका विषय ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ रहा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानून के विद्यार्थियों एवं अधिवक्ताओं को बढ़ते साइबर खतरों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की अतिथि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) रानू शर्मा रहीं। उनके साथ पुलिस कमिश्नरेट स्थित कंप्यूटर सपोर्ट सेंटर (सीएससी) की विशेषज्ञ टीम ने भी अधिवक्ताओं को भी साइबर जागरूकता के साथ सुरक्षा के टिप्स दिए। टीम ने साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों—जैसे फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग, रैंसमवेयर और साइबर स्टॉकिंग—के बारे में विस्तार से बताया और उनसे बचने के प्रभावी उपाय सुझाए।श्रीमती शर्मा ने विशेष रूप से साइबर पीड़ितों की मनोदशा पर गहन चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “अधिकांश पीड़ित अपनी और परिवार की प्रतिष्ठा के भय से घटना को छिपाते हैं, जिसके चलते वे आर्थिक और मानसिक प्रताड़ना झेलते हैं। यदि लोग छोटी-छोटी सतर्कताएँ (जैसे अनजान लिंक पर न क्लिक करना, ओटीपी गोपनीय रखना) अपनाएँ, तो अधिकांश साइबर घटनाओं से बचा जा सकता है।”
इस मौके पर साइबर सेल की टीम ने अधिवक्ताओं को तत्काल शिकायत के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल का उपयोग करने की सलाह भी दी। वक्ताओं का कहना था कि अधिवक्ता समाज की पहली पंक्ति में हैं, अतः उनका साइबर कानूनों का ज्ञान आम जनता तक जागरूकता पहुँचाने में सहायक होगा। प्रांत अध्यक्ष प्यारे लाल ने श्रीमती रानू शर्मा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। एएफटी में इंटर्नशिप कर रहे विधि विद्यार्थियों ने भी स्टडी सर्किल में भाग लिया।
इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह ने राजस्थान पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में इस तरह के और कार्यक्रम विभिन्न न्यायालयों में आयोजन करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का समापन साइबर सुरक्षा की शपथ और जन-जागरूकता के संकल्प के साथ हुआ
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

