गणेश चतुर्थी पर लगा हाथी गांव में हाथियों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर
जयपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। गणेश चतुर्थी के अवसर पर जयपुर स्थित हाथी गांव में हाथियों के स्वास्थ्य, कल्याण और बेहतर देखभाल के लिए सोमवार से विशेष चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर शुरू हुआ। वन विभाग की ओर से आयोजित शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आमंत्रित अनुभवी वन्यजीव एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम ने हाथियों का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर 18 सितंबर तक जारी रहेगा।
मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक राजस्थान अरुण प्रसाद के निर्देशन में आयोजित शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाथियों के सामान्य स्वास्थ्य, शारीरिक स्थिति, पोषण, त्वचा, पैरों और खुरों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलुओं की जांच की। आवश्यकता के अनुसार हाथियों को उपचार और दवाएं दी गईं तथा भविष्य के स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया।
चिकित्सा दल में डॉ. ईश्वरन ईके, डॉ. मनोहरन, डॉ. अर्धरा क्षेत्री और डॉ. जितेन्द्र राजौरिया शामिल रहे। विशेषज्ञों को हाथियों एवं वन्यजीवों के स्वास्थ्य प्रबंधन और उपचार का लंबा अनुभव है। वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें विभिन्न स्तरों पर सम्मानित भी किया जा चुका है।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक अनूप केआर, वन संरक्षक संग्राम सिंह कटियार, उप वन संरक्षक डॉ. आशीष व्यास, सहायक वन संरक्षक प्रहलाद सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी मालीराम प्रजापत तथा हाथीगांव कल्याण समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान सहित वन विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वन विभाग की ओर से हाथीगांव में हाथियों के स्वास्थ्य के साथ उनके पोषण, आवास, स्वच्छता, विश्राम और व्यायाम पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के साथ विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराकर हाथियों की चिकित्सा निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
विशेष चिकित्सा शिविर में हाथियों की विस्तृत जांच जारी रहेगी। वन विभाग का उद्देश्य हाथीगांव में हाथियों के लिए वैज्ञानिक, मानवीय और समग्र स्वास्थ्य प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करना है। विभाग ने हाथियों के संरक्षण, स्वास्थ्य, कल्याण और बेहतर देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

