सुरक्षित होगी पिंक सिटी: चासीस हजार कैब-ऑटो में एसओएस की सुविधा

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सुरक्षित होगी पिंक सिटी: चासीस हजार कैब-ऑटो में एसओएस की सुविधा


जयपुर, 18 मार्च (हि.स.)। राजधानी जयपुर में कैब और ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी पहल की है। जयपुर पुलिस ने ओला कैब एप्लीकेशन में एसओएस (इमरजेंसी कॉल) बटन को सीधे राजस्थान पुलिस के अभय कमांड सेंटर से जोड़ दिया है। अब सफर के दौरान किसी भी प्रकार की असुरक्षा महसूस होने पर बटन दबाते ही पुलिस तुरंत मौके पर मदद के लिए पहुंचेगी।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि हाल के दिनों में डिलीवरी बॉयज और कैब ड्राइवरों द्वारा मारपीट, लूटपाट और चोरी जैसी गंभीर वारदातों को देखते हुए यह नवाचार किया गया है। इस प्रथम चरण में प्रदेश के करीब एक लाख वाहनों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इनमें जयपुर शहर के करीब चालीस हजार वाहन (कैब, बाइक और ऑटो) शामिल हैं। इसके अलावा सीकर, अलवर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और जोधपुर के वाहनों को भी इस सुरक्षा कवच के दायरे में लाया गया है।

वहीं इस अभियान के नोडल अधिकारी और डीसीपी (जयपुर दक्षिण) राजर्षि राज के निर्देशन में पुलिस ने पहले ही ड्राइवरों की कुंडली खंगालना शुरू कर दिया था। जहां शहर के 7 हजार 533 कैब ड्राइवरों का वेरिफिकेशन किया गया। जिनमें से 205 का आपराधिक रिकॉर्ड मिला। पुलिस ने इन्हें पाबंद कर कंपनियों को इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा है। साथ ही 16 हजार 436 डिलीवरी बॉयज (फ्लिपकार्ट, जोमैटो आदि) का डेटा आईसीजेएस पोर्टल पर चेक किया गया। जिसमें 38 का रिकॉर्ड संदिग्ध पाया गया है। जयपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एसओएस बटन का उपयोग केवल गंभीर सुरक्षा खतरों के समय ही किया जाए। यदि यात्री को पैसे के लेनदेन या राइड से जुड़ी कोई अन्य समस्या है तो उसे संबंधित कंपनी की लीगल टीम से संपर्क करना चाहिए। अनावश्यक रूप से बटन दबाने पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई सेवा प्रभावित हो सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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