एसएमएस की टॉक्सिकोलॉजी लैब अब होगी शुरू: जहरीले पदार्थ की सटीक जांच से मिलेगा इलाज

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एसएमएस की टॉक्सिकोलॉजी लैब अब होगी शुरू: जहरीले पदार्थ की सटीक जांच से मिलेगा इलाज


जयपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। सवाई मानसिंह अस्पताल में करीब नौ महीने पहले तैयार हुई अत्याधुनिक टॉक्सिकोलॉजी लैब अब शुरू होगी। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने लैब शुरू करने के आदेश जारी होने की जानकारी दी है। लैब में तकनीकी समस्या और जांच के लिए आवश्यक कोड जनरेट नहीं होने के कारण अब तक इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया था।

अस्पताल में जहर खाने और ड्रग ओवरडोज के मामलों की सटीक जांच के लिए तैयार की गई इस लैब में विशेषज्ञ कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। करोड़ों रुपए की आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं और ट्रायल रन भी पूरा हो चुका है। इसके बावजूद जांच की दर और सरकारी उपचार व्यवस्था के लिए आवश्यक कोड निर्धारित नहीं होने के कारण लैब बंद पड़ी थी।

डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार एसएमएस अस्पताल में तैयार यह नॉर्थ इंडिया की पहली पॉइजन डिटेक्शन टॉक्सिकोलॉजी लैब है। यहां यह पता लगाया जा सकेगा कि मरीज ने किस प्रकार का जहरीला पदार्थ लिया है या उसे किस जहरीले जीव-जंतु ने काटा है। मरीज के ब्लड, यूरिन, लार और बाल के सैंपल की जांच से शरीर में मौजूद विषाक्त तत्वों की पहचान के साथ यह भी पता लगाने में मदद मिलेगी कि जहर किस प्रकार का है और शरीर में कितना फैला है। इससे मरीज का उपचार अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर यह तय कर सकेंगे कि मरीज को किस प्रकार की दवा और कितनी मात्रा में दी जानी है। अभी तक ऐसे कई मरीजों का उपचार मुख्य रूप से उनके लक्षणों के आधार पर किया जाता था।

डॉ. माहेश्वरी ने बताया कि एसएमएस अस्पताल में हर माह करीब 100 से 150 मरीज पॉइजनिंग और ड्रग ओवरडोज के मामले लेकर पहुंचते हैं। निजी जांच केंद्रों में इस तरह की जांच के लिए करीब 3 हजार से 10 हजार रुपए तक शुल्क लिया जाता है। सरकारी अस्पताल में लैब शुरू होने से ऐसे मरीजों को सटीक जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

एसएमएस अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि विभाग में टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए मशीनें स्थापित कर दी गई हैं, लेकिन उपचार और जांच को सरकारी व्यवस्था में शामिल करने के लिए आवश्यक कोड तैयार नहीं हो पाया था। सरकारी अस्पताल में मुफ्त उपचार और दवाओं के लिए संबंधित कोड निर्धारित किए जाते हैं। कोड निर्धारित नहीं होने के कारण लैब का संचालन अटका हुआ था। अब लैब शुरू करने के आदेश जारी होने के बाद इसके संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

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