फसलों की देशी प्रजातियों को संरक्षित करने को लेकर एसकेआरएयू की कवायद, पंजीकृत करवाएगा विभिन्न फसलों की देशी प्रजातियां

फसलों की देशी प्रजातियों को संरक्षित करने को लेकर एसकेआरएयू की कवायद, पंजीकृत करवाएगा विभिन्न फसलों की देशी प्रजातियां
फसलों की देशी प्रजातियों को संरक्षित करने को लेकर एसकेआरएयू की कवायद, पंजीकृत करवाएगा विभिन्न फसलों की देशी प्रजातियां


बीकानेर, 16 मई (हि.स.)। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के कुलपति डॉ अरुण कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कृषि महाविद्यालय के आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग की रिव्यू बैठक आयोजित की गई। महाविद्यालय परिसर स्थित सूक्ष्म पादप संवर्धन प्रयोगशाला के सेमिनार हॉल में आयोजित बैठक में कुलपति ने कहा कि हमारे किसान भाईयों के पास जो विभिन्न फसलों की देशी/ कृषक प्रजातियां उपलब्ध हैं उन सभी को संरक्षित करते हुए ''पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार अभिकरण'' (प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैराइटीज एंड फॉर्मर्स राइट अथोरिटी- पीपीवीएफआरए) में किसान भाईय़ों के नाम ही रजिस्ट्रेशन करवाया जाएगा। इसी प्रकार विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित प्रजातियों को ''राष्ट्रीय पादप आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो'' (नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज- एनबीपीजीआर) में संरक्षित कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभाग में संचालित किए गए शोध कार्यक्रमों को संकलित कर उच्च तकनीकों को कृषकों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

कुलपति डॉ अरूण कुमार ने साथ ही कहा कि इन देशी प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय में जीन बैंक की भी स्थापना की जाएगी। ताकि भविष्य में जैसा मौसम परिवर्तित हो रहा है तापमान बढ़ रहा है या वर्षा में परिवर्तन हो रहा है। इसी प्रकार गुणवत्तायुक्त पौध प्रजाति जिसमें विटामिन, मिनरल्स,प्रोटीन आदि पदार्थ पाए जाते हैं इन सभी को आवश्यकतानुसार गुणों को ट्रांसफर करके ऐसी प्रजातियां विकसित की जाएगी जो वर्तमान समय के अनुरूप हो और किसानों के लिए लाभदायक हो। इससे पूर्व आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीसी गुप्ता ने पीपीटी के माध्यम से विभाग की गतिविधियों का विस्तृत प्रजेंटेशन दिया। प्रसार निदेशक डॉ सुभाष चंद्र ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को रखते हुए उचित प्रजाति विकास की बात कही। बैठक के बाद कुलपति ने लेबोरेट्री इंचार्ज प्रोफेसर सुजीत कुमार यादव व अन्य कृषि वैज्ञानिकों के साथ लेबोरेट्री का निरीक्षण कर प्रयोगशाला में हो रहे रिचर्स कार्यों की सराहना की। साथ ही कृषि महाविद्यालय श्रीगंगानगर में बंद पड़ी सूक्ष्म पादप संवर्धन प्रयोगशाला को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

बैठक में अनुसंधान निदेशक डॉ पीएस शेखावत, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ सुभाष चंद्र, कृषि महाविद्यालय बीकानेर के डीन डॉ पी.के.यादव, मानव संसाधन निदेशालय के निदेशक डॉ ए.के.शर्मा,कृषि महाविद्यालय श्रीगंगानगर के डीन डॉ विजय प्रकाश, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पीसी गुप्ता, लेबोरेट्री इंचार्ज प्रोफेसर सुजीत कुमार यादव, श्रीगंगानगर के कॉटन ब्रीडर डॉ एन.के.शर्मा समेत अन्य स्टॉफ, पीएचईडी व एमएससी के स्टूडेंट्स उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/ईश्वर

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