बंदियों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें, मांगा अपराध छोड़ने का वचन
उदयपुर, 28 अगस्त (हि.स.)। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को उदयपुर सेंट्रल जेल में भाई-बहन के रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली। सुबह से ही दूर-दराज के शहरों से कई बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंचीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, मिठाई खिलाई और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
इस दौरान राखी का त्योहार महज एक रस्म तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बहनों ने भाइयों से जीवन बदलने का वचन भी लिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे अपराध की दुनिया से दूरी बनाए रखें और मेहनत व ईमानदारी के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करें।
जेल की चारदीवारी के बीच भाई-बहन के मिलन का यह दृश्य भावुक कर देने वाला था। कई बहनों की आंखों में अपने भाइयों के लिए प्यार और भविष्य को लेकर उम्मीद नजर आई। भाइयों की कलाई पर बंधा राखी का धागा उनके लिए परिवार और रिश्तों की अहमियत का संदेश भी लेकर आया।
बहनों का कहना था कि गलत रास्ता जिंदगी को पीछे ले जा सकता है, लेकिन परिवार का साथ और खुद को सुधारने का फैसला नई राह दिखा सकता है। इस तरह रक्षाबंधन पर जेल में बंधे राखी के धागे ने प्यार, पश्चाताप और नई जिंदगी की उम्मीद का संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

