सिलिकोसिस फर्जीवाड़ा: दो डॉक्टर और रेडियोग्राफर गिरफ्तार, 12.39 करोड़ का घोटाला उजागर

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सिलिकोसिस फर्जीवाड़ा: दो डॉक्टर और रेडियोग्राफर गिरफ्तार, 12.39 करोड़ का घोटाला उजागर


दौसा, 31 मार्च (हि.स.)। जिले में सिलिकोसिस के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने करीब दो साल बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सरकारी डॉक्टरों और एक रेडियोग्राफर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

साइबर सेल की तकनीकी जांच के आधार पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने डॉ. मनोज ऊंचवाल, डॉ. डी.एन. शर्मा और रेडियोग्राफर मनोहर लाल को गिरफ्तार किया है। मामला वर्ष 2024 में कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था, जिसकी जांच साइबर थाना प्रभारी बृजेश के नेतृत्व में की जा रही थी।

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने मिलकर 2453 सिलिकोसिस के फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए। इनमें से 413 मामलों में ऑटो अप्रूवल प्रक्रिया के जरिए करीब 12.39 करोड़ रुपये का गलत भुगतान कर दिया गया।

शिकायत के अनुसार, जिला अस्पताल के पीएमओ कार्यालय में एलडीसी के माध्यम से इस पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी दी गई थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिन मरीजों को सिलिकोसिस बीमारी नहीं थी, उन्हें भी प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए, जबकि वास्तविक मरीजों के आवेदन खारिज कर दिए गए। रेडियोग्राफर द्वारा अपलोड किए गए एक्स-रे में भी गड़बड़ी पाई गई और एक ही एक्स-रे का कई बार उपयोग कर फर्जी सर्टिफिकेट बनाए गए।

मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग कमेटियां गठित की गई थीं।

एक एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर की ओर से और दूसरी जिला प्रशासन द्वारा। दोनों की रिपोर्ट में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आईं और पुष्टि हुई कि सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा किया गया।

राज्य सरकार की 2019 की सिलिकोसिस नीति के तहत मरीज को तीन लाख रुपये, मृत्यु पर दो लाख रुपये और मासिक पेंशन का प्रावधान है। इसी आर्थिक सहायता का लालच इस घोटाले की मुख्य वजह बना। बड़ी संख्या में फर्जी कार्ड बनाकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया गया।

मामले में पहले भी कई डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। चिकित्सा विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद आठ कर्मचारियों को सस्पेंड किया था और कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित

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