मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग संबंधी बीमारियों की रोकथाम में मोटे अनाज महत्वपूर्ण की भूमिका

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मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग संबंधी बीमारियों की रोकथाम में मोटे अनाज महत्वपूर्ण की भूमिका


बीकानेर, 30 मई (हि.स.)। मोटे अनाजों की उन्नत कृषि तकनीकों, पोषण संबंधी लाभों तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से आय बढ़ाने के अवसरों के बारे में जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, बीकानेर में शनिवार को एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. दीपाली धवन ने मोटे अनाजों के स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि बाजरा, ज्वार, रागी तथा अन्य मिलेट्स में प्रचुर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन एवं खनिज तत्व पाए जाते हैं। मधुमेह, मोटापा, हृदय रोग तथा अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम में मोटे अनाज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने किसानों को अपने परिवार के दैनिक आहार में भी मिलेट्स को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. मदन लाल रेगर ने किसानों को विभिन्न प्रकार के मोटे अनाजों की पहचान, उनकी खेती की उन्नत तकनीकों, उन्नत किस्मों, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई एवं कीट-रोग नियंत्रण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने उत्पादन लागत कम करते हुए अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों की भी जानकारी दी।

सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रसन्नलता ने मोटे अनाजों के मूल्य संवर्धन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसान एवं ग्रामीण महिलाएं अतिरिक्त आय अर्जित कर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।कार्यक्रम में दूरदर्शन किसान की राधिका चौधरी एवं उनकी टीम द्वारा रिकॉर्डिंग की गई। 60 प्रगतिशील किसानों ने विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव

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