एसआई री-एग्जाम को पुन: आयोजित करवाने की मांग

WhatsApp Channel Join Now
एसआई री-एग्जाम को पुन: आयोजित करवाने की मांग


अभ्यर्थियों ने संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल को सौंपा ज्ञापन

जोधपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक (एसआई) री-एग्जाम के प्रश्नपत्र को लेकर अभ्यर्थियों का असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को जोधपुर में सैकड़ों अभ्यर्थियों ने राज्य के संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और परीक्षा को निरस्त कर पुन: आयोजित कराने की मांग की।

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि आरपीएससी द्वारा आयोजित एसआई री-एग्जाम का प्रश्नपत्र बेहद कठोर, अव्यावहारिक और अतार्किक था। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर निर्धारित पाठ्यक्रम और सामान्य परीक्षा-मानकों की अपेक्षा असामान्य रूप से कठिन रहा, जिसके कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के सामने गंभीर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई है। अभ्यर्थियों ने कहा कि हजारों युवा लंबे समय से एसआई भर्ती की तैयारी कर रहे हैं और इस परीक्षा से उनका भविष्य सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रश्नपत्र के स्तर और स्वरूप को लेकर उठ रही आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा की निष्पक्षता एवं अभ्यर्थियों के हित में पुन: परीक्षा आयोजित करने पर विचार किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने यह भी चिंता जताई कि यदि इस परीक्षा के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर होते हैं, तो इसका प्रभाव उनके आगामी भर्ती अवसरों पर भी पड़ सकता है। इसी कारण अभ्यर्थी सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर उनकी मांग पर सकारात्मक एवं न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

मंत्री जोगाराम पटेल को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में धनराज पटेल, पवन प्रकाश माली, चेनाराम जाट, रितिका सोलंकी, मनीष राठौड़ प्रमुख रूप से शामिल रहे। इनके साथ सैकड़ों अभ्यर्थी भी मौजूद रहे और उन्होंने परीक्षा को पुन: आयोजित कराने की मांग को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित कराना है। संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने अभ्यर्थियों की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश

Share this story