एसआई भर्ती परीक्षा के खिलाफ शहीद स्मारक पर अभ्यर्थियों का धरना—प्रदर्शन
जयपुर, 29 सितंबर (हि.स.)। एसआई भर्ती परीक्षा के पेपर को आउट ऑफ पैटर्न बताते हुए अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने मंगलवार को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार को केवल वार्ता तक सीमित नहीं रहकर इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए। धरने के दौरान अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग भी उठाई।
एसआई भर्ती परीक्षा संघर्ष समिति से जुड़े सत्येंद्र राव ने दावा किया कि आरपीएससी ने 20 सितंबर को हुई परीक्षा के करीब 30 प्रतिशत प्रश्नों को आउट ऑफ पैटर्न माना है, जबकि अभ्यर्थियों के अनुसार करीब 80 प्रतिशत पेपर निर्धारित पैटर्न से अलग था। उन्होंने कहा कि यदि आयोग ने अपनी गलती मानी है तो उसका खामियाजा अभ्यर्थियों को क्यों भुगतना पड़े। अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा को निरस्त कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जाए।
सत्येंद्र राव ने कहा कि हाईकोर्ट के भर्ती परीक्षा रद्द करने के बाद अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए केवल चार महीने का समय मिला। उनका कहना है कि अभ्यर्थी करीब पांच साल से न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में चार महीने में दोबारा तैयारी की अपेक्षा उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आरपीएससी को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए परीक्षा दोबारा आयोजित करनी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन यू.आर. साहू के पूर्व में दिए कथित बयान का भी हवाला दिया। उनके अनुसार साहू ने कहा था कि एसआई भर्ती परीक्षा का पेपर 2021 के पैटर्न पर होना चाहिए, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा उस पैटर्न के अनुरूप नहीं हुई।
प्रदर्शनकारियों ने आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड के पुनर्गठन की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में यदि गलतियां सामने आती हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बने। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बार-बार भर्ती परीक्षाओं का पैटर्न बदलने से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होती है, देरी होती है और पद खाली रह जाते हैं। उन्होंने हाल में हुई लेक्चरर भर्ती परीक्षा का भी उदाहरण दिया।
संघर्ष समिति से जुड़े अभ्यर्थी पायल, मीनाक्षी और लादूराम ने कहा कि मंगलवार को शहीद स्मारक पर धरने के साथ आंदोलन की शुरुआत की गई है। आने वाले दिनों में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में धरने और प्रदर्शन किए जाएंगे। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक एसआई भर्ती परीक्षा दोबारा कराने को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं आता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

