अभ्यर्थियों ने कहा राज्य सरकार अपनी ही जांच एजेंसी के खिलाफ बहस कर रही

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अभ्यर्थियों ने कहा राज्य सरकार अपनी ही जांच एजेंसी के खिलाफ बहस कर रही


जयपुर, 15 जनवरी (हि.स.)। एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में एकलपीठ की ओर से भर्ती रद्द करने के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर गुरुवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ में मूल प्रार्थी कैलाश चन्द्र शर्मा की ओर से बहस की गई। प्रार्थी ने कहा कि प्रदेश में पहली बार राज्य सरकार अपनी ही जांच एजेंसी के खिलाफ बहस कर रही है।

प्रार्थी पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट आरपी सिंह व हरेन्द्र नील ने एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ के समक्ष कहा कि इस पेपर लीक के मामले में परीक्षा केन्द्र के कर्मचारी सहित अन्य लोग भी शामिल रहे हैं। इसके अलावा आरपीएससी सदस्यों की भूमिका भी सामने आई है। उनकी ओर से किसी भी तथ्य को छिपाया नहीं है, यदि छिपाए भी हैं तो वे इस केस के निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं डालते। मामले में प्रार्थी पक्ष की बहस खंडपीठ ने शुक्रवार को भी जारी रखी है। गौरतलब है कि इससे पहले चयनित अभ्यर्थियों की ओर से सीनियर एडवोकेट कमलाकर शर्मा ने बताया कि एसआईटी की पहली रिपोर्ट के आधार पर एकलपीठ ने भर्ती रद्द करने का आदेश दिया था, जबकि एसआईटी ने परीक्षा रद्द करने के टास्क पर अपनी रिपोर्ट दी थी। वहीं एसआईटी ने मामले में पुनर्विचार कर अपनी दूसरी रिपोर्ट दी और उसमें माना कि दोषियों की छंटनी संभव होने के कारण पूरी भर्ती रद्द नहीं कर सकते। इस मामले में राज्य सरकार व चयनित अभ्यर्थियों की बहस पूरी हो चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक

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