मेवाड़ की आन-बान के साथ कोटा में स्थापित हुआ शिवधाम

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मेवाड़ की आन-बान के साथ कोटा में स्थापित हुआ शिवधाम


मेवाड़ की आन-बान के साथ कोटा में स्थापित हुआ शिवधाम


उदयपुर, 14 मई (हि.स.)। राजस्थान के कोटा जिले में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम संगम देखने को मिला, जब श्री मंगलमय चमत्कारी धाम हनुमान सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री नर्मदेश्वर महादेव शिवलिंग स्थापना समारोह भव्य धार्मिक वातावरण के मध्य संपन्न हुआ। आयोजन श्री मंगलमय चमत्कारी हनुमान मंदिर एवं कॉमर्स कॉलेज ग्राउंड, कोटा में आयोजित किया गया, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और शिवभक्त उपस्थित रहे।

समारोह में मेवाड़ राजपरिवार के डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की उपस्थिति रही। वे मुख्य यजमान के रूप में समारोह में शामिल हुए। वैदिक आचार्यों के मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य उन्होंने श्री नर्मदेश्वर महादेव शिवलिंग की स्थापना की। शिवलिंग स्थापना के साथ सम्पूर्ण परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री एकलिंगनाथ” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा।

इस अवसर पर विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि भगवान आशुतोष शिव अत्यंत सरल और करुणामयी देव हैं। जब वे अपने भक्त की निष्कपट भक्ति से प्रसन्न होते हैं, तब वे उसे ऐसी दिव्य शक्ति प्रदान करते हैं जो जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर आत्मबल, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।

उन्होंने कहा कि मेवाड़ की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का मूल आधार भगवान एकलिंगनाथ हैं। मेवाड़ पर सदैव भगवान शिव की विशेष कृपा रही है और भगवान एकलिंगनाथ को मेवाड़ का वास्तविक अधिपति माना जाता है। मेवाड़ के महाराणाओं ने स्वयं को सदैव प्रभु एकलिंगनाथ का दीवान मानते हुए राज्य संचालन किया तथा संस्कृति, धर्म और सनातन मूल्यों के संरक्षण को अपना कर्तव्य समझा। उन्होंने कहा कि लगभग पन्द्रह सौ वर्षों से मेवाड़ के दीवान प्रभु एकलिंगनाथ की सेवा, मानव धर्म और लोककल्याण की भावना के साथ समाज के मार्गदर्शन का कार्य करते आ रहे हैं।

समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। आयोजन स्थल को आकर्षक विद्युत सज्जा, फूलों एवं पारंपरिक धार्मिक प्रतीकों से सजाया गया था। भजन, शिव स्तुति और वैदिक अनुष्ठानों ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता

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