अजमेर-उदयपुर और अजमेर-पालनपुर खंडों का अत्याधुनिक ओएचई प्रणाली में होगा रूपांतरण
अजमेर, 23 मार्च(हि.स.)। भारतीय रेल देश की प्रगति की रीढ़ है और इसके आधुनिकीकरण और क्षमता संवर्धन (केपेसिटी इन्हेंसमेंट) की दिशा में अजमेर मंडल ने एक महत्वपूर्ण बड़ा कदम उठाते हुए, अजमेर-उदयपुर और अजमेर-पालनपुर रेल खंडों की मौजूदा पारंपरिक ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) प्रणाली को अत्याधुनिक 2 गुणा 25 केवी ओएचई प्रणाली में परिवर्तित करने का कार्य स्वीकृत किया गया है।
मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा के अनुसार इस परियोजना के अंतर्गत फाउंडेशन का कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा चुका है। यह रूपांतरण भविष्य में अधिक भार वहन क्षमता, उच्च गति और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में क्रांतिकारी सिद्ध होगा। 2गुणा25 केवी ओएचई प्रणाली 250 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की गति और भारी रेल और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अधिक बिजली कुशलतापूर्वक पहुँचाने में सक्षम होता है। ऊर्जा दक्षता के अंतर्गत पारंपरिक सिस्टम की तुलना में इसमें करंट आधा हो जाता है, जिससे ओएचई में जूल हानि (जूल लोस) काफी कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है। कम इम्पीडेंस के कारण ट्रैक्शन सबस्टेशनों (टीएसएस) के बीच की दूरी को बढ़ाया जा सकता है। इससे कम सब स्टेशनों की आवश्यकता होगी और बुनियादी ढाँचे की लागत घटेगी।
यह भारी भार के दौरान भी लोकोमोटिव के लिए स्थिर बिजली आपूर्ति और बेहतर वोल्टेज विनियमन प्रदान करता है। यह प्रणाली लगभग 90 प्रतिशत का उच्च पावर फैक्टर बनाए रखती है और आधुनिक सिग्नलिंग के लिए आवश्यक रिडंडेंसी प्रदान करती है। साथ ही, इससे संचार लाइनों के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंटरफेरेंस भी कम होता है। यह परियोजना न केवल भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाएगी, बल्कि नए भारत की नई रेल के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष

